बिहार में चिकित्सा क्रांति: IGIMS में पहली रोबोटिक सर्जरी सफल, युवती की इस बीमारी का हुआ ऑपरेशन

बिहार के चिकित्सा जगत में नया इतिहास! पटना के IGIMS में पहली बार रोबोटिक सर्जरी के जरिए शिवहर की युवती का सफल ऑपरेशन किया गया। राज्य में इस तकनीक से इलाज करने वाला यह पहला संस्थान बना।

बिहार में चिकित्सा क्रांति: IGIMS में पहली रोबोटिक सर्जरी सफ

Patna -  राजधानी पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान में पहली बार रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से पित्ताशय की पथरी का सफल ऑपरेशन किया गया। यह तकनीक न केवल सटीक इलाज सुनिश्चित करती है, बल्कि मरीज के रिकवरी समय को भी कम करती है। अस्पताल प्रशासन ने इस सफलता को बिहार के लिए एक बड़ी चिकित्सा उपलब्धि करार दिया है। 

शिवहर की 26 वर्षीय युवती बनी पहली मरीज

संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि बुधवार को सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और लिवर ट्रांसप्लांट विभाग द्वारा यह ऐतिहासिक ऑपरेशन किया गया। शिवहर जिले की रहने वाली 26 वर्षीय युवती इस तकनीक से इलाज पाने वाली पहली मरीज बनी है। खास बात यह है कि वह किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के जरिए उपचार कराने वाली राज्य की पहली लाभार्थी बन गई है। 

तीन महीने के दर्द से मिली मुक्ति

मरीज पिछले तीन महीनों से लगातार पेट दर्द और उल्टी की समस्या से जूझ रही थी। जांच के बाद पित्ताशय में पथरी (GB Stone) की पुष्टि हुई। शुरुआत में लैप्रोस्कोपिक विधि से ऑपरेशन की योजना थी, लेकिन जब मरीज को आईजीआईएमएस में रोबोटिक सर्जरी शुरू होने की जानकारी मिली, तो उसने इस आधुनिक तकनीक को चुना। इस सफल ऑपरेशन के बाद मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है। 

इन विशेषज्ञों की टीम ने रचा इतिहास

इस जटिल और आधुनिक सर्जरी को सफल बनाने में विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम शामिल थी। जिसमें सर्जिकल टीम में डॉ. मनीष मंडल, डॉ. राकेश कुमार सिंह और डॉ. नेत्रनंद और  एनेस्थीसिया टीम में डॉ. विनोद के वर्मा, डॉ. बिभा और डॉ. सोनम पटेल शामिल थे।  रोबोटिक सर्जरी की इस शुरुआत के बाद अब बिहार के मरीजों को अत्याधुनिक इलाज के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।