Bihar News: बिहार में फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर होगा तीन गुना ! अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी, DGP का बड़ा ऐलान

Bihar News: बिहार पुलिस ने बड़ा कदम उठा है। राज्य में 13 विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी। राज्य में एफएसएल की क्षमता को बढ़ाने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। जिसकी जानकारी डीजीपी विनय कुमार ने दी है।

DGP विनय कुमार
13 FSL होंगी स्थापित - फोटो : reporter

Bihar News: बिहार पुलिस अपराध अनुसंधान को और अधिक मजबूत व वैज्ञानिक बनाने की दिशा में अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त करने में जुट गई है। राज्य में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं (एफएसएल) की क्षमता बढ़ाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया गया है। अब तक बिहार में चार विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं संचालित थीं, जिन्हें बढ़ाकर 13 करने की योजना है।

13 FSL होंगी स्थापित 

इस संबंध में जानकारी देते हुए बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने बताया कि नए आपराधिक कानून के तहत सात साल से अधिक सजा वाले सभी मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम का मौके पर जाना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में हर साल करीब 40 से 50 हजार गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होते हैं, जबकि वर्तमान में केवल 10 हजार मामलों में ही एफएसएल की टीम भेजी जा पा रही है।

डीजीपी ने दी जानकारी 

डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2013 तक बिहार में केवल एक ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यरत थी। बीते वर्षों में इसे बढ़ाकर पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में चार प्रयोगशालाएं स्थापित की गईं। वर्ष 2021 में रीजनल एफएसएल (क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की अधिसूचना जारी की गई थी। इसके तहत रेंज मुख्यालय स्तर पर नौ और जिलों में विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है।

200 संविदा कर्मियों की हुई बहाली 

उन्होंने बताया कि इसके लिए भवन निर्माण, मानव बल की व्यवस्था, आधुनिक उपकरणों की खरीद और लगभग 200 संविदा कर्मियों की बहाली की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। आने वाले एक से दो वर्षों में राज्य की सभी 13 विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं को पूरी तरह स्वचालित कर दिया जाएगा।

नेशनल फॉरेंसिक साइंस लैब

डीजीपी ने यह भी बताया कि जटिल आपराधिक मामलों के उद्भेदन और अनुसंधान को मजबूत करने के लिए नेशनल फॉरेंसिक साइंस लैब खोलने को लेकर एमओयू किया गया है। इसके अलावा साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो साइबर फॉरेंसिक लैब स्थापित करने के लिए भी एमओयू किया गया है।

पूर्णिया रीजनल एफएसएल 1 फरवरी से होगा शुरू

उन्होंने कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की क्षमता वृद्धि के लिए हाल के दिनों में जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसका असर जल्द जमीन पर दिखेगा। पूर्णिया रीजनल एफएसएल के सभी कार्य पूरे हो चुके हैं और इसे आगामी 1 फरवरी से पूरी तरह स्वचालित कर दिया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि लक्ष्य है कि हर तीन से चार महीने में नई रीजनल एफएसएल की स्थापना का काम शुरू कर दिया जाए।

पटना से अनिल की रिपोर्ट