फ्री फायर गेम के शोर का विरोध करने पर बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, दो नाबालिग हिरासत में

गया के विष्णुपद थाना क्षेत्र में मोबाइल गेम खेलने से रोकने पर 60 वर्षीय बुजुर्ग अर्जुन मांझी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है।

फ्री फायर गेम के शोर का विरोध करने पर बुजुर्ग की पीट-पीटकर ह

Gajaji - : बिहार के गया जी (विष्णुपद थाना क्षेत्र) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ मोबाइल गेम 'फ्री फायर' खेलने से रोकने पर कुछ किशोरों ने एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना संगम गली की है, जहाँ गेम खेलने के जुनून में सवार लड़कों ने टोकने पर बुजुर्ग पर हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो किशोरों को हिरासत में लिया है। 

शोर मचाने से मना करने पर भड़के किशोर

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान अर्जुन मांझी (60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पेशे से राजमिस्त्री थे। शनिवार देर रात जब वे अपने घर लौटे, तो पड़ोस के चार लड़के उनके घर के पास मोबाइल पर 'फ्री फायर' गेम खेल रहे थे और काफी शोर मचा रहे थे। अर्जुन मांझी ने जब उन्हें हल्ला न करने और वहाँ से जाने को कहा, तो खेल में मशगूल लड़कों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। 

धक्का-मुक्की और मारपीट में गई जान

परिजनों का आरोप है कि मना करने पर चारों किशोर एक साथ बुजुर्ग पर टूट पड़े। उन्होंने अर्जुन मांझी के साथ न केवल धक्का-मुक्की की, बल्कि उनके साथ बेरहमी से मारपीट भी शुरू कर दी। इस दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लगी। किशोरों का जुनून इस कदर था कि उन्होंने वृद्ध को तब तक पीटा जब तक कि वे अचेत नहीं हो गए। मौके पर ही उनकी जान चली गई, जिसकी पुष्टि बाद में डॉक्टरों ने भी की। 

बहू ने बयां किया खौफनाक मंजर

मृतक की बड़ी बहू रिंकी देवी ने बताया कि मोहल्ले में लड़के दिन-रात फ्री फायर गेम खेलते रहते हैं और अक्सर शोर-शराबा करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके ससुर ने बस बच्चों को शांत रहने के लिए कहा था, लेकिन चारों लड़कों ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। धक्का-मुक्की और सिर में लगी चोट के कारण उनकी मौत हो गई, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। 

पुलिस की कार्रवाई: दो हिरासत में, दो फरार

घटना की सूचना मिलते ही विष्णुपद थाना की पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष के अनुसार, वायरल हुई जानकारी और परिजनों के बयान के आधार पर दो नाबालिगों को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं, दो अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। 

गेमिंग का बढ़ता नशा और गिरते संस्कार

यह घटना मोबाइल गेमिंग के बढ़ते एडिक्शन और युवाओं में बढ़ते हिंसक व्यवहार का एक भयावह उदाहरण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोबाइल गेम्स की लत के कारण युवा और किशोर अपनी सुध-बुध खो रहे हैं और बड़ों का सम्मान करने के बजाय हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

रिपोर्ट - मनोज कुमार