धड़ाम हुआ गोल्ड-सिल्वर मार्केट, रिकॉर्ड ऊंचाई से औंधे मुंह गिरी कीमतें, निवेशकों के डूबे करोड़ों, क्या यह खरीदारी का सही मौका है या अभी और गिरेगी कीमतें?

आसमान छू रही सोने और चांदी की कीमतों पर अचानक ब्रेक लग गया है। रिकॉर्ड स्तर बनाने के बाद कीमती धातुओं के भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी, जिसने कुछ ही हफ्तों में 3 लाख से 4 लाख रुपये का सफर तय किया था

धड़ाम हुआ गोल्ड-सिल्वर मार्केट, रिकॉर्ड ऊंचाई से औंधे मुंह ग

Patna - सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कई दिनों से जारी तूफानी तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण आई है। पिछले कुछ हफ्तों में चांदी ने 3 लाख से 4 लाख रुपये प्रति किलो का सफर बेहद कम समय में तय किया था, जबकि सोना भी अपने उच्चतम स्तर पर था। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे भाव पर अपना मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया। 

शॉर्ट सेलर्स की सक्रियता ने बढ़ाया दबाव

बाजार में जैसे ही मुनाफावसूली के कारण कमजोरी के संकेत मिले, शॉर्ट सेलर्स (Short Sellers) सक्रिय हो गए। ट्रेडिंग सत्र के दौरान चांदी में बड़े पैमाने पर शॉर्ट पोजीशन बनाई गई। विशेषज्ञों के अनुसार, बिकवाली हावी होते ही इन सट्टेबाजों ने कीमतों को और नीचे धकेल दिया। इस तकनीकी बिकवाली के कारण चांदी के दाम उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से नीचे गिरे, जिससे आम निवेशकों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 

डोनाल्ड ट्रंप का बयान और मजबूत होता डॉलर

वैश्विक कारणों की बात करें तो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की जगह अपने पसंदीदा व्यक्ति को नियुक्त करना चाहते हैं। इस राजनीतिक घटनाक्रम के कारण वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स को मजबूती मिली है। चूंकि सोने और चांदी का डॉलर के साथ विपरीत संबंध होता है, इसलिए डॉलर के मजबूत होते ही इन धातुओं की चमक फीकी पड़ गई। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार और कम होता वैश्विक तनाव

भारतीय बाजार (MCX) में आई गिरावट का सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय हलचलों से भी है। हाल के दिनों में कुछ प्रमुख वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों में कमी देखी गई है, जिसके कारण निवेशकों ने 'सेफ हेवन' यानी सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने से पैसा निकालकर अन्य संपत्तियों में लगाना शुरू कर दिया है। इंटरनेशनल मार्केट में धातु की कीमतों में आई इसी नरमी का असर भारत में भी देखने को मिला, जिससे यहाँ के भाव भी धड़ाम हो गए। 

सिल्वर और गोल्ड ETF में ऐतिहासिक गिरावट

हाजिर बाजार के साथ-साथ पेपर गोल्ड और सिल्वर मार्केट यानी ETF (Exchange Traded Funds) में भी हाहाकार मच गया। शेयर बाजार बंद होने तक कई सिल्वर और गोल्ड ईटीएफ 20 फीसदी तक टूट गए। आंकड़ों के अनुसार, ICICI Silver ETF में 20.14% और Nippon India Silver ETF में 18.59% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, गोल्ड ईटीएफ में भी टाटा और निप्पॉन के फंड्स 9 से 10 फीसदी तक नीचे गिरकर बंद हुए। 

निवेशकों के लिए क्या है आगे की राह?

बाजार के जानकारों का कहना है कि कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए एक अवसर भी हो सकती है जो खरीदारी का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, शॉर्ट टर्म में बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और डॉलर की चाल पर नजर रखें। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद बाजार एक बार फिर स्थिर होने की कोशिश करेगा।