अनशन के नौवें दिन पिघली सरकार: उच्च शिक्षा मंत्री से मिला अभ्यर्थियों का शिष्टमंडल, वार्ता रही सकारात्मक
Patna : उम्र सीमा में छूट सहित अपनी कुल छह सूत्री मांगों को लेकर पटना में चल रहे अभ्यर्थियों के अनिश्चितकालीन अनशन के नौवें दिन आखिरकार सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत सामने आए। गतिरोध तोड़ने के उद्देश्य से सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के दो एमएलसी धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों की मांगों का पुरजोर समर्थन करते हुए सरकार के साथ संवाद का रास्ता साफ कराया।
जदयू विधान पार्षदों ने दिया समर्थन, शिक्षा मंत्री से कराई मुलाकात
जदयू के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के माननीय विधान पार्षद (MLC) डॉ. संजीव कुमार सिंह और डॉ. बीरेंद्र नारायण यादव ने अनशनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से बात कर चुके हैं। इसके बाद दोनों विधान पार्षदों की पहल पर अभ्यर्थियों के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की उच्च शिक्षा मंत्री से औपचारिक वार्ता तय कराई गई।
उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ के साथ एक घंटे तक चली गंभीर वार्ता
डॉ. बिनय कुमार उपाध्याय, श्री अजय यादव, डॉ. आसिफ अली, डॉ. प्रीति कुमारी, डॉ. उमेश कुमार और डॉ. मोनू कुमार के छह सदस्यीय शिष्टमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ से मुलाकात की। इस दौरान अभ्यर्थियों की समस्याओं और सभी छह मांगों को लेकर करीब एक घंटे तक बेहद गंभीर, तथ्यपूर्ण और तर्कपूर्ण चर्चा हुई, जहां शिष्टमंडल ने सरकार के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री के सामने बात रखने का मंत्री ने दिया आश्वासन
वार्ता के बाद उच्च शिक्षा मंत्री ने शिष्टमंडल को बताया कि कैबिनेट की बैठक के उपरांत वे स्वयं माननीय मुख्यमंत्री से मिलकर अभ्यर्थियों की पूरी स्थिति और मांगों से उन्हें अवगत कराएंगे। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को भी मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात कर अपनी बात रखने का सुझाव दिया, जिससे अभ्यर्थियों में मांगों के पूरे होने की उम्मीद बढ़ी है।
संवाद का रास्ता खुला पर संघर्ष जारी, 16 अगस्त को लोकभवन घेराव की चेतावनी
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि अभ्यर्थियों का आंदोलन अब सरकार के सर्वोच्च स्तर तक पहुंच चुका है। यद्यपि सरकार के सकारात्मक रुख से गतिरोध समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक आधिकारिक निर्णय नहीं आ जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। इसी कड़ी में अभ्यर्थियों ने 16 अगस्त को लोकभवन का घेराव करने की अपनी पूर्व घोषित तैयारी को बरकरार रखा है।
धर्मेन्द्र की रिपोर्ट