पटना में सरकारी शिक्षक का 'हनी ट्रैप' कर अपहरण : पुलिस ने चंद घंटों में किया सकुशल बरामद, 4 गिरफ्तार

राजधानी पटना से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक सरकारी शिक्षक को हनी टैप में फंसाकर अपहरण कर लिया गया था। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ घंटों के अंदर ही शिक्षक को सकुशल बरामद कर लिया है....

पटना में सरकारी शिक्षक का 'हनी ट्रैप' कर अपहरण : पुलिस ने चं
पटना पुलिस ने अपह्त शिक्षक को चंद घंटों में सकुशल किया बरामद- फोटो : अनिल कुमार

Patna : राजधानी पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एजी कॉलोनी में रहने वाले एक सरकारी शिक्षक के सनसनीखेज अपहरण मामले का पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर भंडाफोड़ कर दिया है। जिला आसूचना इकाई (DIU) और पटना पुलिस की संयुक्त त्वरित कार्रवाई में अपहृत शिक्षक उपेंद्र कुमार को सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के कुल चार अपहर्ताओं को भी पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।


14 लाख रुपये का था लेनदेन, वसूली के लिए रची साजिश

सचिवालय (SDPO-2) साकेत कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी सोनू और अपहृत शिक्षक उपेंद्र कुमार के बीच लगभग 14 लाख रुपये का बड़ा वित्तीय लेनदेन था। सोनू काफी समय से अपने पैसे वापस मांग रहा था। जब पैसे नहीं मिले, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शिक्षक को फंसाने की एक खतरनाक साजिश रची और वसूली के लिए अपहरण का रास्ता चुना।


महिला के जरिए बिछाया हनी ट्रैप का जाल, आरा से उठाया

आरोपियों ने शिक्षक उपेंद्र कुमार को अपने जाल में फंसाने के लिए 'हनी ट्रैप' का सहारा लिया। योजना के तहत एक महिला से उपेंद्र कुमार को फोन पर बात करवाई गई। महिला के झांसे में आकर जैसे ही शिक्षक तय ठिकाने पर पहुंचे, अपहर्ताओं ने उन्हें जबरन एक कार में बिठा लिया। अपराधियों ने आरा से शिक्षक का अपहरण किया और पुलिस को चकमा देने के उद्देश्य से उन्हें सासाराम ले गए।


पत्नी की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस, खंगाला रूट

शिक्षक के अचानक लापता होने और अपहरण का अंदेशा होने पर पीड़ित की पत्नी ने बिना वक्त गंवाए शास्त्री नगर थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना पुलिस ने तुरंत स्पेशल टीम और डीआईयू को एक्टिव किया। तकनीकी अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अपहर्ताओं के रूट को ट्रैक किया और सासाराम में छापेमारी कर शिक्षक को छुड़ा लिया।


शिक्षक होने के साथ बालू कारोबार से भी जुड़े थे पीड़ित

पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि पीड़ित उपेंद्र कुमार सरकारी स्कूल में शिक्षक होने के साथ-साथ बालू के कारोबार से भी परोक्ष रूप से जुड़े हुए थे। संभवतः इसी कारोबार के सिलसिले में आरोपियों के साथ उनका लाखों का लेनदेन हुआ था, जो आगे चलकर इस वारदात की वजह बना। पुलिस पकड़े गए चारों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों और मददगार महिला की भूमिका को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।


अनिल की रिपोर्ट