राम कृपाल यादव की तबीयत बिगड़ी, मेदांता अस्पताल में भर्ती; हालचाल जानने पहुंचे नेता और समर्थक, सम्राट सरकार में हैं सहकारिता मंत्री

बिहार विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) संजय सिंह भी मेदांता अस्पताल पहुंचे और राम कृपाल यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भी अस्पताल में लगातार आवाजाही बनी हुई है।

Cooperative Minister Ram Kripal Yadav
Cooperative Minister Ram Kripal Yadav- फोटो : news4nation

Ramkripal Yadav :  बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। मंत्री के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों और शुभचिंतकों का अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया। कई राजनीतिक नेताओं ने भी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की।


इसी क्रम में बिहार विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) संजय सिंह भी मेदांता अस्पताल पहुंचे और राम कृपाल यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भी अस्पताल में लगातार आवाजाही बनी हुई है। राम कृपाल यादव के स्वास्थ्य को लेकर उनके समर्थकों के बीच चिंता का माहौल है। हालांकि, डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और आवश्यक चिकित्सकीय उपचार दिया जा रहा है। 


सूत्रों का कहना है कि अचानक से उन्हें कुछ परेशानी महसूस हुई जिसके बाद आननफानन में अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल सूत्रों की मानें तो सोडियम की कमी के कारण उन्हें परेशानी हुई है जो अगले 24 से 48 घंटे के भीतर सामान्य होने की संभावना है। माना जा रहा है कि बुधवार को रामकृपाल यादव को अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। हालांकि उसके पहले डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाये हुए है। 


राम कृपाल यादव का राजनीतिक सफर

राम कृपाल यादव बिहार की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से की और लंबे समय तक लालू प्रसाद यादव के करीबी सहयोगियों में रहे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने राजद छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। इसके बाद वे पटना लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। 

वर्तमान में वे बिहार सरकार में सहकारिता मंत्री हैं और राज्य की राजनीति में भाजपा के प्रमुख ओबीसी चेहरों में उनकी पहचान है।