स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, रेफरल व्यवस्था की लगातार निगरानी और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर रहा विशेष जोर

स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने बुधवार को विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने रेफरल व्यवस्था की लगातार निगरानी करने तथा अनावश्यक रेफरल पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने समेत कई निर्देश दिए.....

स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, रेफरल व्यवस्था क
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में सचिव ने दिए कई निर्देश- फोटो : रिपोर्टर

Patna : बिहार के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पटना के बापू टावर में स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डिजिटल ओपीडी, ईएचआर (EHR), सर्जरी, रेफरल व्यवस्था, एफआरयू (FRU) की क्रियाशीलता, एनक्यूएएस (NQAS), नियमित टीकाकरण, दवाओं की उपलब्धता तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।


रेफरल व्यवस्था की लगातार निगरानी और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर

समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने अनावश्यक रेफरल पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और रेफरल व्यवस्था की लगातार निगरानी करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने अस्पतालों में जच्चा और बच्चा की मृत्यु को रोकने के लिए हर स्तर पर गंभीरता से कार्य करने, मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामलों की समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाने तथा आशा कार्यकर्ताओं का चयन लक्ष्य के अनुरूप करने पर विशेष बल दिया।


सात निश्चय-3 के तहत अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण और एक्सपायर्ड दवाओं का निस्तारण

बैठक में सात निश्चय-3 के तहत जिला अस्पतालों को अतिविशिष्ट चिकित्सा केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा से युक्त अस्पताल के रूप में विकसित करने की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही, सभी स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस (NQAS) मानकों के अनुरूप जोड़ने तथा एक्सपायर्ड दवाओं के स्टॉक की नियमित जांच कर उनका नियमानुसार त्वरित डिस्पोजल करने के निर्देश दिए गए।


डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सर्जरी में उल्लेखनीय वृद्धि

डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए 100 प्रतिशत डिजिटल ओपीडी पंजीकरण, आभा (ABHA) आधारित पंजीकरण, ईएचआर निर्माण और 'भाव्या' पोर्टल पर सभी भर्ती मरीजों के पंजीकरण का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, जिला अस्पतालों में सर्जरी सेवाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जहां जून 2026 में 2,428, जुलाई में 5,650 और अगस्त में 8,209 सर्जरी किए गए।


31 अक्टूबर तक कायाकल्प और मरीज सुविधाओं के कार्य पूरे करने का लक्ष्य

जिला और अनुमंडल अस्पतालों सहित विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रंग-रोगन, लघु मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय और नर्सिंग डेस्क जैसी मरीज सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक इन कार्यों की विशेष निगरानी करते हुए सभी निर्धारित कार्यों को 31 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।


प्रिय दर्शन की रिपोर्ट