Patna News: रंगों की मस्ती बनी मातम, होली के दिन पटना की सड़कों पर हादसों का कहर, अस्पतालों में मची अफरा-तफरी

Patna News: सड़क हादसों की बाढ़ ऐसी आई कि पटना के बड़े अस्पतालों में अफरा-तफरी का आलम बन गया।...

Holi Turns Tragic Road Mishaps Rock Patna Hospitals
होली के दिन पटना की सड़कों पर हादसों का कहर- फोटो : social Media

Patna News: होली के जश्न और रंग-ओ-गुलाल की धूम के बीच राजधानी पटना की सड़कों पर खून-आलूद मंजर देखने को मिला। बेखौफ रफ्तार और हुड़दंग ने कई घरों की खुशियां छीन लीं। सड़क हादसों की बाढ़ ऐसी आई कि शहर के बड़े अस्पतालों में अफरा-तफरी का आलम बन गया।स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही हालात भांपते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया था। अस्पतालों में एक्सट्रा बेड रिजर्व रखे गए थे और आपातकालीन सेवाओं को चौबीसों घंटे मुस्तैद किया गया था। एम्बुलेंस सेवा को भी अलर्ट मोड पर रखा गया, ताकि हादसे के बाद फौरन राहत पहुंचाई जा सके।

सबसे ज्यादा घायल पीएमसीएच पहुंचे, जहां 25 जख्मियों का इलाज किया गया। इमरजेंसी वार्ड में कराहते मरीज, भागते डॉक्टर और फुर्ती से काम करती नर्सिंग स्टाफ की टीम पूरा मंजर किसी जंग के मैदान जैसा नजर आया। कई घायलों के सिर फट गए, किसी का हाथ टूट गया तो किसी के पैर में गंभीर चोट आई।

गार्डिनर अस्पताल में 12 घायल भर्ती किए गए, जिनमें ज्यादातर बाइक हादसों का शिकार थे। वहीं आईजीआईएमएस में 9 मरीजों का इलाज हुआ। यहां सड़क दुर्घटनाओं के अलावा रंगों से एलर्जी, आंखों में जलन और सांस की तकलीफ वाले मरीज भी पहुंचे।

PMCH में होली के मद्देनजर अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की गई थी। जरूरत पड़ने पर सर्जरी टीम भी तैयार रखी गई थी। राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चौकस रही और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीम चौबीसों घंटे तैयार थी।

रंगों के त्योहार पर लापरवाही और तेज रफ्तार ने जश्न को दर्द में बदल दिया। सवाल यही है क्या अगली होली तक हम सबक लेंगे, या फिर रंगों के साथ सड़कों पर खून की कहानी दोहराई जाएगी?