Bihar IAS Transfer: मयंक वरवड़े बने पटना के नए कमिश्नर, कई आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली
बिहार सरकार ने अधिसूचना जारी कर पटना कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। मयंक वरवड़े को पटना और दिनेश कुमार को कोसी प्रमंडल का नया आयुक्त बनाया गया है। पूरी तबादला सूची यहाँ देखें।
बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया है। इस प्रशासनिक बदलाव के तहत पटना प्रमंडल के कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पटना और कोसी प्रमंडल में नए कमिश्नर
इस अधिसूचना के अनुसार, 2001 बैच के आईएएस अधिकारी मयंक वरवड़े को पटना प्रमंडल का नया आयुक्त (कमिश्नर) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे योजना एवं विकास विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे। वहीं, 2007 बैच के आईएएस दिनेश कुमार, जो वर्तमान में शिक्षा विभाग के सचिव थे, उन्हें कोसी प्रमंडल (सहरसा) का आयुक्त बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, दिनेश कुमार को अगले आदेश तक पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

बेलट्रॉन और बुडको में नई नियुक्तियां
सरकार ने तकनीकी और शहरी विकास निगमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पटना प्रमंडल के वर्तमान आयुक्त अमिमेष कुमार पराशर (IAS 2010) को स्थानांतरित करते हुए बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) का प्रबंध निदेशक (MD) बनाया गया है। साथ ही, 2010 बैच के आईएएस अधिकारी कौशल किशोर को बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (बेलट्रॉन) के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
अतिरिक्त प्रभार से मिली मुक्ति
इस नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही कुछ अधिकारियों को उनके अतिरिक्त प्रभारों से मुक्त कर दिया गया है। 2016 बैच के आईएएस अंशुल कुमार अब पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त हो जाएंगे। इसी तरह, 2004 बैच के आईएएस अभय कुमार सिंह को बेलट्रॉन के प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है।
राज्यपाल के आदेश से अधिसूचना जारी
यह पूरी तबादला प्रक्रिया बिहार के राज्यपाल के निर्देशानुसार संपन्न की गई है। सरकार के अवर सचिव सिद्धेश्वर चौधरी के हस्ताक्षर से जारी इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया गया है। इस फेरबदल को राज्य प्रशासन को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने और प्रमंडलीय कामकाज में गति लाने के उद्देश्य से देखा जा रहा है।