आईजी सुनील नायक पहुंचे आंध्र: पूर्व सांसद प्रताड़ना मामले में दर्ज होगा बयान,जांच अधिकारी के सामने पेश

बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी और अग्निशमन विभाग के आईजी एम. सुनील नायक आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेशानुसार अपना बयान दर्ज कराने के लिए आंध्र प्रदेश पहुंच गए हैं।

IG Sunil Nayak arrives in Andhra Pradesh Statement to be rec
आईजी सुनील नायक पहुंचे आंध्र: पूर्व सांसद प्रताड़ना मामले में दर्ज होगा बयान- फोटो : news 4 nation

बिहार अग्निशमन विभाग के आईजी एम. सुनील नायक आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेशानुसार अपना बयान दर्ज कराने के लिए आंध्र प्रदेश पहुंच गए हैं। वे पूर्व सांसद के. रघुराम कृष्ण राजू के साथ कथित कस्टोडियल टॉर्चर (हिरासत में प्रताड़ना) के मामले में जांच अधिकारी (IO) के सामने पेश होंगे। इससे पहले आंध्र पुलिस ने पटना में उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की थी, लेकिन कानूनी तकनीकी खामियों और पटना सिविल कोर्ट द्वारा ट्रांजिट रिमांड खारिज किए जाने के बाद वे वहां से सुरक्षित निकल गए थे।

क्या है पूरा विवाद और 2021 का मामला?

यह मामला साल 2021 का है, जब सुनील नायक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आंध्र प्रदेश में सीआईडी (CID) के डीआईजी के पद पर तैनात थे। उस दौरान तत्कालीन सांसद के. रघुराम कृष्ण राजू को राज्य सरकार के खिलाफ कथित टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। राजू ने आरोप लगाया था कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई। वर्ष 2024 में आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद, इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी और सुनील नायक सहित कई अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

अदालत की कार्रवाई और अंतरिम राहत

आईजी सुनील नायक के वकील कुणाल तिवारी के अनुसार, आंध्र पुलिस ने पहले उनके खिलाफ कठोर रुख अपनाया था, जिसे देखते हुए उन्होंने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की याचिका दायर की थी। कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए पुलिस को किसी भी तरह की 'कोअर्सिव एक्शन' (बलपूर्वक कार्रवाई) पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने नायक को जांच में सहयोग करने और अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है, जिसके पालन में वे अब अपना स्टेटमेंट रिकॉर्ड कराएंगे।

9 मार्च को होगी अगली सुनवाई

इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई अब 9 मार्च 2026 को होनी तय हुई है। तब तक के लिए आईजी नायक को गिरफ्तारी से सुरक्षा मिली हुई है। उनके वकील का तर्क है कि 2021 की घटना के लिए 2024 में केस दर्ज करना राजनीति से प्रेरित है और एफआईआर में शुरुआत में नायक का नाम भी शामिल नहीं था। फिलहाल, पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे की नजरें 9 मार्च को होने वाली अदालती कार्रवाई और पुलिस पूछताछ के नतीजों पर टिकी हैं।