बिहार में अभेद्य सुरक्षा: होली और रमजान पर 25,000 से अधिक अतिरिक्त जवानों का पहरा
राज्य के सभी प्रमुख शहरों, चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। विशेष रूप से बाइकर्स गैंग, सड़क पर रेसिंग करने वालों और त्योहार की आड़ में शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की तैयारी की गई है।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने आगामी होली (3-4 मार्च) और वर्तमान में जारी रमजान माह को देखते हुए पूरे राज्य में शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इस पहल का मुख्य उद्देश्य सांप्रदायिक सौहार्द सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है. पुलिस प्रशासन ने राज्य के सभी जिलों को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और वहां पर्याप्त बल तैनात करने का सख्त निर्देश दिया है.
भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए राज्य भर में बड़े पैमाने पर अतिरिक्त बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है. इसमें बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (मुख्यालय) की 35 कंपनियां, रेंज रिजर्व की 12 कंपनियां और CAPF की 3 कंपनियां शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती देने के लिए 18,822 नवनियुक्त प्रशिक्षु सिपाही, 2,768 प्रशिक्षु आशु स.अ.नि. और 5,100 गृह रक्षकों को भी मैदान में उतारा गया है.
सोशल मीडिया पर 24 घंटे कड़ी नजर
वर्तमान डिजिटल युग में अफवाहों को रोकने के लिए पुलिस मुख्यालय और जिला स्तर पर सोशल मीडिया सेल को 24x7 सक्रिय कर दिया गया है. फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफवाहों का तत्काल खंडन किया जाएगा और आवश्यकतानुसार प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जनता तक सही तथ्य पहुँचाए जाएंगे.
प्रशासनिक चौकसी और निवारक कानूनी कार्रवाई
विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विभिन्न धाराओं जैसे धारा 126, 170 और 135 के तहत उपद्रवियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई कर रही है. थाना और जिला स्तर पर शांति समितियों की बैठकें बुलाई जा रही हैं ताकि स्थानीय स्तर पर संवाद बना रहे. साथ ही, असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सघन गश्ती, वाहन जांच और छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं.
संवेदनशील क्षेत्रों और रेलवे स्टेशनों पर विशेष सतर्कता
विगत वर्षों की घटनाओं के आधार पर चिन्हित संवेदनशील स्थलों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है. उग्रवाद प्रभावित जिलों में विशेष सतर्कता के साथ-साथ जेल, रेलखंड और सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुदृढ़ की गई है. अन्य राज्यों से लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों की भीड़ को देखते हुए प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं ताकि नशाखुरानी गिरोहों और भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सके.
त्वरित प्रतिक्रिया और निगरानी तंत्र
आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए प्रत्येक जिले में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को सक्रिय रखा गया है. जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से हर 2-2 घंटे पर स्थिति की समीक्षा की जाएगी. यदि कहीं भी सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा होती है, तो जिले के वरीय पदाधिकारियों को तुरंत स्वयं घटनास्थल पर पहुँचने का आदेश है. बिहार पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.