अब ट्रेन के सफर में नहीं लगेंगे झटके, मिलेगा आरामदेह सफर : पटरियों में रेलवे ने किया बड़े बदलाव का फैसला

भारतीय रेल अब AI और रडार तकनीक के जरिए पटरियों की निगरानी करेगी। रेल मंत्री ने पुलों पर कॉम्पोजिट स्लीपर लगाने और पटरियों की वेल्डिंग जांच के लिए नई तकनीक को मंजूरी दी है।

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Patna - भारतीय रेल की यात्रा अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और आरामदायक होने वाली है। रेल मंत्री ने रेल भवन में आयोजित एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में कई क्रांतिकारी निर्णय लिए हैं। इस नई योजना के तहत रेलवे ट्रैक की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया जाएगा और पारंपरिक भारी स्लीपरों की जगह आधुनिक कॉम्पोजिट स्लीपर लगाए जाएंगे।

भारी कंक्रीट स्लीपरों से मिलेगी मुक्ति, लगेंगे हल्के कॉम्पोजिट स्लीपर

रेल मंत्रालय के फैसले के अनुसार, अब ब्रिज एप्रोच, पॉइंट्स और क्रॉसिंग पर लोहे या कंक्रीट के बजाय कॉम्पोजिट स्लीपरों का उपयोग किया जाएगा। ये स्लीपर मौजूदा स्लीपरों के मुकाबले काफी हल्के हैं, लेकिन 700 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर तक का भार उठाने में सक्षम हैं। इनकी बेहतर कुशनिंग क्षमता के कारण पुलों और क्रॉसिंग से गुजरते समय यात्रियों को झटके कम लगेंगे और सफर काफी स्मूथ होगा।

AI और रडार तकनीक से पटरियों की 'जासूसी'

रेलवे ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब 'ग्राउंड पेनिट्रेशन रडार' का उपयोग होगा। यह डिवाइस एआई (AI) तकनीक से लैस होगी और निरीक्षण गाड़ियों में लगाई जाएगी। यह रडार सीधे पटरी के आधार (फाउंडेशन) की स्थिति का जायजा लेगा, जिससे जमीन के अंदर होने वाली किसी भी हलचल या खराबी का पता समय रहते चल सकेगा।

सूक्ष्म दरारों को पकड़ेगी मैग्नेटिक पार्टिकल टेस्टिंग

पटरियों के बीच होने वाली वेल्डिंग की मजबूती की जांच के लिए रेलवे ने 'मैग्नेटिक पार्टिकल टेस्टिंग' तकनीक को हरी झंडी दे दी है। यह तकनीक वेल्डिंग के भीतर छिपे उन सूक्ष्म दोषों और दरारों को भी पहचान लेगी जो नग्न आंखों से दिखाई नहीं देते। इससे पटरी टूटने के कारण होने वाले रेल हादसों पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

रखरखाव में आएगी कमी, बढ़ेगी स्लीपरों की लाइफ

कंक्रीट और लोहे के मुकाबले कॉम्पोजिट स्लीपर अधिक लंबे समय तक चलते हैं और इनमें जंग लगने या टूटने का खतरा कम होता है। इनके उपयोग से रेलवे के रखरखाव (Maintenance) पर होने वाले खर्च में बड़ी कमी आएगी। साथ ही, इन स्लीपरों को विशेष परिस्थितियों के अनुसार कस्टमाइज करके लगाना भी आसान होगा।

सुरक्षित सफर के लिए रेल मंत्रालय की प्रतिबद्धता

आज लिए गए ये सभी निर्णय भारतीय रेल की सुरक्षा और यात्री सुविधाओं के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि तकनीक का समावेश न केवल हादसों को रोकने में मददगार होगा, बल्कि भारतीय रेल को दुनिया के सबसे आधुनिक रेल नेटवर्क की श्रेणी में खड़ा करेगा।