Stock Market Closing Bell : भारतीय शेयर बाजार की निकली हवा, 1068 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी में भी 1% से ज्यादा की आई गिरावट

Stock Market Closing Bell : भारतीय शेयर बाजार की निकली हवा,

PATNA : भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी बिकवाली का दौर देखने को मिला, जिससे बाजार की पूरी हवा निकल गई। एआई (AI) और टेक सेक्टर में वैश्विक उथल-पुथल के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। 30 संवेदी सूचकांक वाला सेंसेक्स 1068.74 अंक यानी 1.28% गिरकर 82,225.92 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 1.12% (288.35 अंक) की गिरावट के साथ 25,424.65 के स्तर पर सिमट गया।

आईटी दिग्गजों के छूटे पसीने

बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ी मार आईटी सेक्टर की कंपनियों पर पड़ी। सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से 21 के शेयर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा नुकसान टेक महिंद्रा को हुआ, जिसका शेयर 6% से अधिक टूट गया। इसके अलावा HCL टेक और इटनरल के शेयरों में 5-5 प्रतिशत, जबकि दिग्गज कंपनी TCS और इंफोसिस के शेयरों में 3-3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में मायूसी छा गई।

अमेरिकी बाजार से मिले झटके

भारतीय बाजार में इस गिरावट की मुख्य जड़ अमेरिका (वॉल स्ट्रीट) से मिले नकारात्मक संकेत रहे। अमेरिका में टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोमवार रात अमेरिकी बाजारों में भारी बिकवाली हुई। वहां डॉऊ जोन्स 821 अंक टूट गया, जबकि S&P 500 और नैस्डैक में भी 1% से ज्यादा की गिरावट रही। टेस्ला और एएमडी जैसी बड़ी टेक कंपनियों के धराशायी होने का सीधा असर भारतीय बाजार पर दिखा।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

अमेरिकी बाजार की इस हलचल का असर केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया पर पड़ा है। मंगलवार सुबह दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.1% से ज्यादा लुढ़क गया और हांगकांग के हैंग सेंग में भी कमजोरी के संकेत मिले। हालांकि, जापान का निक्की 0.77% की बढ़त के साथ खुला, लेकिन क्षेत्र में व्याप्त अनिश्चितता ने निवेशकों के बीच डर का माहौल बनाए रखा, जिसका दबाव घरेलू बाजार पर स्पष्ट नजर आया।

एक दिन की खुशी, फिर मायूसी

दिलचस्प बात यह है कि सोमवार का दिन भारतीय निवेशकों के लिए काफी अच्छा रहा था, जब डोनाल्ड ट्रंप के शुल्कों (टैरिफ) को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए जाने से सेंसेक्स 480 अंक उछलकर बंद हुआ था। हालांकि, मंगलवार की गिरावट ने पिछले दिन की पूरी बढ़त को धो दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार एक तय दायरे में सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करने की कोशिश करेगा, लेकिन वैश्विक तनाव पर नजर रखना बेहद जरूरी है।