अत्यंत भावपूर्ण थीम के साथ मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स दिवस

Association of Oral and Maxillofacial Surgeons of India द्वारा 13 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स दिवस अत्यंत भावपूर्ण थीम के साथ मनाया गया।

अत्यंत भावपूर्ण थीम के साथ मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय ओरल एवं

Patna : Association of Oral and Maxillofacial Surgeons of India द्वारा 13 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स दिवस अत्यंत भावपूर्ण थीम के साथ मनाया गया। इस वर्ष का विषय सफल शल्यक्रियाओं के अनिवार्य स्तंभ माने जाने वाले एनेस्थेटिस्टों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना रहा।

इस अवसर पर एओएमएसआई के बिहार–झारखंड शाखा के सदस्यों ने एनेस्थीसिया विभाग के सहयोग से Indira Gandhi Institute of Medical Sciences परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। कुल ग्यारह आम के पौधे रोपे गए, जो विकास, सामंजस्य और शल्य एवं एनेस्थीसिया टीमों के अटूट समन्वय के प्रतीक हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत एक जन-जागरूकता अभियान भी संचालित किया गया, जिसमें ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जनों की बहुआयामी भूमिका—चेहरे की चोटों, मुख कैंसर, जन्मजात विकृतियों तथा जटिल पुनर्निर्माण शल्यक्रियाओं के उपचार—पर प्रकाश डाला गया।

एनेस्थीसिया विभाग के अध्यक्ष प्रो. डॉ. पी. के. दुबे ने एनेस्थेटिस्टों और मैक्सिलोफेशियल सर्जनों के मध्य उत्कृष्ट सामंजस्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि शल्यकौशल की सफलता विश्वास, सूक्ष्मता और टीमवर्क पर आधारित सामूहिक उपलब्धि है। वे अपनी संपूर्ण एनेस्थीसिया टीम के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम में सक्रिय रूप से सहभागी बने और एकता एवं पारस्परिक सम्मान का संदेश दिया।

एओएमएसआई की ओर से डॉ. रितेश राज, डॉ. अमित राम, डॉ. हर्ष, डॉ. वैभव, डॉ. प्रतीक, डॉ. निशांत, डॉ. प्रत्युष, डॉ. शशांक, डॉ. सलोनी, डॉ. अभिषेक एवं डॉ. निम्मी सिंह सहित Budhha Institute of Dental Sciences and Hospital के उत्साही स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा एवं ऊर्जा प्रदान की।

 यह आयोजन अंतर्विभागीय समन्वय, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व तथा समाजसेवा के प्रति स्वास्थ्यकर्मियों की अटूट प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण बना।