Lalu Prasad Yadav: IRCTC घोटाले में आज बड़ा दिन! राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर टिकी देश की नजर, लालू परिवार की बढ़ी बेचैनी

Lalu Prasad Yadav: देश की सियासत और न्यायिक हलकों में हलचल बढ़ाने वाला IRCTC घोटाला से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला आज निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। ...

IRCTC Scam Verdict Today Rouse Avenue Court Decision on Lalu
लालू परिवार की बढ़ी बेचैनी- फोटो : social Media

Lalu Prasad Yadav: देश की सियासत और न्यायिक हलकों में हलचल बढ़ाने वाला IRCTC घोटाला से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला आज निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट इस केस में आज अहम फैसला सुनाने जा रही है, जिस पर पूरे राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं।इस हाई-प्रोफाइल मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत कई अन्य आरोपी जांच एजेंसियों के घेरे में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।

मामले की पिछली सुनवाई 6 मई को हुई थी, लेकिन उस दिन अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं, और आज के निर्णय को केस की दिशा तय करने वाला बेहद अहम मोड़ माना जा रहा है।जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। आरोप है कि IRCTC के तहत रांची और पुरी स्थित दो होटलों के संचालन और टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गईं। आरोपों के मुताबिक, इन होटलों और संबंधित जमीनों को निजी कंपनियों को नियमों को दरकिनार कर लीज पर दिया गया, जिससे कथित तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचाया गया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में दावा किया है कि उनके पास इस पूरे मामले से जुड़े पर्याप्त दस्तावेज और पुख्ता सबूत मौजूद हैं। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कई ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं, जो आरोपों को मजबूती देते हैं।इधर, अदालत पहले ही 13 अक्टूबर को अपने आदेश में यह टिप्पणी कर चुकी है कि टेंडर प्रक्रिया में साजिश और हस्तक्षेप के संकेत मिले हैं। कोर्ट के अनुसार, यह मामला केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि एक सुनियोजित प्रक्रिया का हिस्सा प्रतीत होता है।हालांकि, लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। उनका कहना है कि यह पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है।

फिलहाल पूरे देश की निगाहें आज आने वाले फैसले पर टिकी हैं, जो न सिर्फ इस केस की दिशा तय करेगा बल्कि आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।