पटना इस्कॉन मंदिर में रामनवमी की धूम: लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, रामधुन से भक्तिमय हुई राजधानी, फूलों और आकर्षक रोशनी से सजा मंदिर परिसर

पटना के इस्कॉन मंदिर में 27 मार्च 2026 को रामनवमी महा महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान राम के दर्शन किए और महाप्रसाद ग्रहण किया। जानें मंदिर में आयोजित विशेष कार्यक्रमों की पूरी जानकारी।

Grand celebration and crowd at ISKCON Temple Patna during Ra

Patna - : राजधानी पटना के बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को श्री रामनवमी महा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था। विदेशी फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों की सजावट ने भक्तों का मन मोह लिया। सुबह से ही मंदिर के बाहर लंबी कतारें देखी गईं, जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों से आए लाखों श्रद्धालु शामिल हुए।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, भक्तिमय हुआ माहौल

भीड़ के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पूरे परिसर में बैरिकेडिंग की गई थी और महिला पुलिसकर्मियों सहित भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे। चिलचिलाती धूप को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पेयजल और टेंट की व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर में लगातार चल रहे हरिनाम संकीर्तन और 'रामधुन' ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

भगवान का अवतरण और श्रीराम के आदर्श


महोत्सव के दौरान इस्कॉन टीएमसी के को-चेयरमैन आदिकर्ता दास जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "भगवान श्रीराम के आदर्श और उनके जीवन मूल्य आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। ऐसे आयोजन हमारी आध्यात्मिक चेतना को जागृत करते हैं और वैदिक संस्कृति को मजबूती प्रदान करते हैं।" वहीं, टीएमसी सदस्य राधा पति चरण दास ने आध्यात्मिक गहराई साझा करते हुए कहा कि भगवान का जन्म नहीं होता, बल्कि उनका 'अवतरण' होता है। उन्होंने सभी से प्रभु राम के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

महाअभिषेक से महाप्रसाद तक का सफर

उत्सव की शुरुआत सुबह 8 बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई, जो दोपहर 1 बजे तक चली। इस दौरान विग्रहों का पंचामृत से महाअभिषेक किया गया और विशेष भोग अर्पित किए गए। दोपहर में भगवान की महाआरती की गई, जिसके बाद मंदिर के पट आम भक्तों के लिए खोल दिए गए। कार्यक्रम के अंत में हजारों श्रद्धालुओं के बीच शुद्ध देसी घी से बना 'महाप्रसाद' वितरित किया गया। इस मौके पर रमन मनोहर दास और श्री वणु विनोद दास सहित मंदिर प्रबंधन के कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।