Nitish Kumar: जदयू ने आननफानन में सभी विधायकों को पटना किया तलब, बिहार में सियासी उबाल!सीएम नीतीश लेने वाले हैं ये बड़ा फैसला
राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड ने अपने सभी विधायकों को आज शाम तक पटना पहुंचने का फरमान जारी कर दिया है।...
Nitish Kumar: बिहार की राजनीति इन दिनों शतरंज की बिसात बनी हुई है। राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड ने अपने सभी विधायकों को आज शाम तक पटना पहुंचने का फरमान जारी कर दिया है। 5 मार्च तक नामांकन दाखिल होने हैं, जबकि 16 मार्च को मतदान होगा। ऐसे में राजधानी के सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है।
सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की लंबे समय से यह मांग रही है कि निशांत सक्रिय राजनीति में आएं। सूत्रों की मानें तो अगर निशांत राज्यसभा नहीं जाते हैं, तो खुद नीतीश कुमार बड़े सदन का रुख कर सकते हैं। सियासी हलकों में यह कयास भी लगाया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका के लिए नीतीश दिल्ली की ओर रुख करें और बिहार में निशांत के नेतृत्व की नई पारी शुरू हो। कथित तौर पर निशांत को बिहार में उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होना है और एनडीए खेमे में लगभग तस्वीर साफ मानी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी ने दो उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है नितिन नवीन और शिवेश राम। वहीं उपेंद्र कुशवाहा को एनडीए का पांचवां उम्मीदवार बताया जा रहा है, हालांकि औपचारिक घोषणा शेष है।दिलचस्प बात यह है कि 19 विधायकों वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को इस बार एक भी सीट नहीं मिली है, जिससे गठबंधन के भीतर हल्की नाराजगी की चर्चा भी है।
उधर विपक्षी खेमे में भी हलचल कम नहीं। तेजस्वी यादव 5 मार्च को अपने उम्मीदवार की घोषणा करेंगे।
राज्यसभा की यह जंग सिर्फ संख्या बल की नहीं, बल्कि भविष्य की सियासी दिशा तय करने वाली मानी जा रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जदयू की अंतिम चाल क्या होगी—निशांत की एंट्री या खुद नीतीश की नई पारी? बिहार की राजनीति में अगले कुछ दिन बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।