लालू-राबड़ी सुरक्षा विवाद में बिहार पुलिस का बड़ा खुलासा, दोनों नेताओं को अभी भी मिल रही VIP सुरक्षा, बुलेटप्रूफ गाडियां भी

बिहार पुलिस मुख्यालय के सुरक्षा प्रभाग की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बिहार विशेष सुरक्षा दल अधिनियम-2010 के तहत सुरक्षा मिल रही है.

Lalu-Rabri Security Controversy
Lalu-Rabri Security Controversy - फोटो : news4nation

Lalu-Rabri Security Controversy : बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच बिहार पुलिस मुख्यालय ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा है कि दोनों नेताओं को विशेष सुरक्षा दल अधिनियम-2010 और राज्य सरकार के प्रावधानों के अनुरूप पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।


बिहार पुलिस मुख्यालय के सुरक्षा प्रभाग की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बिहार विशेष सुरक्षा दल अधिनियम-2010 के तहत अंगरक्षक, आवास गार्ड, स्कॉट गार्ड और पायलट के अलावा बुलेट रेसिस्टेंट (BR) कार भी उपलब्ध कराई गई है।


इसी प्रकार बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को भी विशेष सुरक्षा दल अधिनियम-2010 तथा बिहार सरकार के संकल्प संख्या-3663, दिनांक 2 मई 2017 के तहत अंगरक्षक, आवास गार्ड, स्कॉट गार्ड और पायलट के अतिरिक्त बुलेट रेसिस्टेंट कार उपलब्ध कराई गई है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, अनुमानित खतरे के मद्देनजर दोनों नेताओं को सादे लिबास में एसबी (स्पेशल ब्रांच) कंपोनेंट के रूप में भी सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।


बिहार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोनों नेताओं को उनकी सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्था प्रदान की गई है।


दरअसल, कुछ समय पहले राज्य सरकार की ओर से राबड़ी देवी को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने का नोटिस दिया गया था। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई थी। इसी दौरान लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने आरोप लगाया था कि उनकी सुरक्षा में कटौती की गई है। नाराजगी जताते हुए राबड़ी देवी ने अपने आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस जाने के लिए कह दिया था। इसके बाद राजद के कई नेता और कार्यकर्ता सुरक्षा के तौर पर उनके आवास और पार्टी कार्यालय के बाहर पहरा देते नजर आए थे।


रंजन की रिपोर्ट