LPG Crisis: LPG गैस बुकिंग में आया बड़ा 'फॉल्ट'! कॉल्स की आई ऐसी बाढ़ कि बैठ गया पूरा सर्वर, घंटों से बंद है सिस्टम
LPG Crisis: तकनीकी आत्मनिर्भरता के इस दौर में एक छोटे से सर्वर ग्लिच ने पूरे देश में रसोई गैस की सप्लाई चेन को प्रभावित कर दिया है। इंडेन गैस के सिस्टम पर एक साथ लाखों हिट्स और कॉल्स आने की वजह से सिस्टम लोड नहीं झेल पाया और क्रैश हो गया।
LPG Crisis: रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए आज का दिन मुश्किलों भरा साबित हो रहा है। देश की बड़ी गैस कंपनी इंडेन (Indane) का बुकिंग सिस्टम अचानक तकनीकी कारणों से क्रैश हो गया है। बताया जा रहा है कि कॉल्स और बुकिंग रिक्वेस्ट की अत्यधिक बाढ़ आने के चलते सर्वर बैठ गया है, जिससे लाखों लोग चाहकर भी अपना सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। वेबसाइट से लेकर मोबाइल ऐप तक सब ठप है, जिससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
कॉल्स की आई बाढ़ तो बुकिंग सिस्टम क्रैश
दरअसल, दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे युद्ध और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब घरेलू गैस आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। इसी वजह से गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए लोगों की कॉल्स अचानक बढ़ गईं, जिससे Indane का बुकिंग सिस्टम कुछ समय के लिए क्रैश हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सामान्य दिनों की तुलना में गैस बुकिंग के लिए आने वाली कॉल्स 8 से 10 गुना तक बढ़ गईं।
सिस्टम पर अचानक बढ़ा दबाव
अचानक बढ़े इस दबाव के कारण IVRS, मिस्ड कॉल सेवा, मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए कई यूजर्स सिलेंडर बुक नहीं कर पाए। रिपोर्ट के अनुसार IVRS और मिस्ड कॉल नंबर पर इतनी ज्यादा कॉल्स आईं कि पूरा सिस्टम भारी दबाव में आ गया। कंपनी ने अपने डीलरों को भेजे संदेश में बताया कि कॉल ट्रैफिक बढ़ने के कारण कई ग्राहकों को कनेक्ट होने में दिक्कत हुई और बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित हुई।
कई शहरों में लगी लंबी लाइनें
तकनीकी समस्या के कारण कई जगह लोगों को गैस बुक करने में परेशानी हुई। कुछ शहरों में मोबाइल ऐप और वेबसाइट भी ठीक से काम नहीं कर रही थीं। इसके चलते कई लोग सीधे गैस एजेंसियों के दफ्तर पहुंच गए, जहां लंबी लाइनें और भीड़ देखने को मिली। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर नया नियम लागू किया है।
सिलेंडर बुक करने के लिए नया नियम
अब एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह अवधि 21 दिन थी। सरकार का कहना है कि इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक न करे और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।