बिहार न्यायिक सेवा में बड़ा फेरबदल: असिताभ कुमार बने नालंदा परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, अधिसूचना जारी

पश्चिमी चंपारण (बेतिया) में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत असिताभ कुमार को नालंदा, बिहारशरीफ के प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) के महत्वपूर्ण पद पर पदस्थापित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है....

बिहार न्यायिक सेवा में बड़ा फेरबदल: असिताभ कुमार बने नालंदा

Patna : बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने न्यायिक सेवा में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। मंगलवार 15 सितंबर को जारी इस आधिकारिक आदेश के तहत राज्य में न्यायिक अधिकारियों के नए पदस्थापन और प्रोन्नति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है, जिससे जिला स्तर पर न्यायिक कार्यों के निष्पादन में और अधिक सुगमता आएगी।


असिताभ कुमार को नई जिम्मेदारी और पदस्थापन

जारी अधिसूचना के अनुसार, पश्चिमी चंपारण (बेतिया) में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत असिताभ कुमार को 'प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश' कोटि में नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें नालंदा, बिहारशरीफ के प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) के महत्वपूर्ण पद पर पदस्थापित किया गया है।


पटना हाईकोर्ट की अनुशंसा के आधार पर लिया गया निर्णय

यह प्रशासनिक निर्णय पटना उच्च न्यायालय के महानिबंधक द्वारा प्रेषित पत्रांक-82520, दिनांक 07.09.2026 के माध्यम से संसूचित अनुशंसा के आलोक में लिया गया है। उच्च न्यायालय की संस्तुति मिलने के बाद राज्य सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया है।


राज्यपाल के आदेश से अपर सचिव द्वारा जारी हुआ आदेश

यह संपूर्ण नियुक्ति और पदस्थापन बिहार के राज्यपाल के आदेशानुसार संपन्न हुआ है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव रजनीश कुमार के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में न केवल नए पदस्थापन की पुष्टि की गई है, बल्कि संबंधित न्यायिक अधिकारी को ससमय अपने नए कार्यभार को संभालने के निर्देश भी दिए गए हैं।


राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशन और प्रशासनिक निर्देश

इस अधिसूचना की प्रतियां राजकीय मुद्रणालय के अधीक्षक तथा वित्त विभाग के ई-गजट कोषांग को राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशनार्थ भेजी गई हैं। इसके साथ ही महालेखाकार (लेखा एवं हक), विधि विभाग, दोनों जिलों के जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा संबंधित वित्त एवं आईटी अधिकारियों को भी सूचना और आवश्यक अनुवर्ती कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दी गई है।