संसद और विधानसभा लोकतंत्र के मंदिर, हंगामा छोड़ सकारात्मक विपक्ष बने राहुल-तेजस्वी : मंगल पांडेय

मंगल पांडेय ने कहा, राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर और तेजस्वी यादव द्वारा अक्सर बिहार में नकारात्मकता विपक्ष की भूमिका निभाई जा रही है.

Mangal Pandey
Mangal Pandey - फोटो : news4nation

Bihar News : बिहार सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने 20 जुलाई 2026 से शुरू हो रहे बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र तथा दिल्ली में शुरू हो रहे संसद के सत्र के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन को लेकर विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील की है।  पांडेय ने कहा कि संसद और राज्य की विधानसभाएं लोकतंत्र का पवित्र मंदिर हैं, जहां जनता की समस्याओं और प्रदेश व देश के विकास पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। लेकिन यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ने सदनों को केवल राजनीतिक नौटंकी, हंगामा और व्यवधान का केंद्र बना दिया है।


उन्होंने कहा, राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर और तेजस्वी यादव द्वारा अक्सर बिहार में नकारात्मकता विपक्ष की भूमिका निभाई जा रही है. दोनों नेताओं पर आरोप लगते हुए उनके इस रवैये पर तीखा प्रहार करते हुए  पांडेय ने कहा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ भ्रम, झूठ और नकारात्मकता की राजनीति कर रहे हैं। एक जिम्मेदार विपक्ष के नेता के रूप में देश के विकास में रचनात्मक सुझाव देने के बजाय उनका पूरा ध्यान केवल संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और हर मुद्दे पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी करने पर केंद्रित रहता है। देश की जनता उनके इस रवैये को देख रही है।


मंगल पांडेय ने बिहार की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि यही हाल बिहार में नेता प्रतिपक्ष  तेजस्वी यादव का भी है। तेजस्वी यादव जी के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर न तो कोई ठोस विजन है और न ही नीति। जब भी सदन का सत्र शुरू होता है, राजद और उनका कुनबा सिर्फ शोर-शराबा कर बहुमूल्य समय बर्बाद करने की योजना बनाता है। 


विपक्ष में बैठकर उन्हें जनता की आवाज उठाने की जिम्मेदारी है, न कि सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की। इस बार तो तेजस्वी जी विदेष भ्रमण पर हैं उनकी गैरहाजिरी की चर्चा अभी से है। उनका ये रवैया बिल्कुल ही गैर-जिम्मेदाराना है। जनता के मुद्दों के साथ उनका कोई सरोकार नहीं लगता है।