बिहार में मैनुअल फिटनेस टेस्टिंग पर लगेगा विराम, केंद्र ने तय की जिलावार समय-सीमा

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के चालू होने के साथ ही संबंधित जिलों में मैनुअल सिस्टम की पहुंच समाप्त कर दी जाएगी।

Manual fitness testing
Manual fitness testing - फोटो : news4nation

Bihar News: बिहार में वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट से जुड़ी व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने बिहार सरकार को पत्र भेजकर परिवहन (Parivahan) सिस्टम पर मैनुअल फिटनेस टेस्ट और फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने की अस्थायी सुविधा को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की मंजूरी दे दी है। यह पत्र 20 फरवरी 2026 को जारी किया गया है।


केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के चालू होने के साथ ही संबंधित जिलों में मैनुअल सिस्टम की पहुंच समाप्त कर दी जाएगी। यह निर्णय बिहार सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और ATS के संचालन कार्यक्रम पर विचार के बाद लिया गया है।  ट्रक संगठन ऑल इंडिया मोटर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ हरीश सबरवाल को बिहार से गए प्रतिनिधि मंडल ने इस सम्बंध में ज्ञापन दिया। बिहार ट्रक संगठन के नेताओं ने भानु शेखर के नेतृत्व मे परिवहन सचिव से मुलाकात की। इसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बिहार को लेकर आदेश जारी किया। पत्र के मुताबिक, सुपौल जिले में 20 फरवरी 2026 से ही ATS के चालू होने के साथ मैनुअल फिटनेस सिस्टम बंद कर दिया जाएगा। वहीं सारण (छपरा) में यह व्यवस्था 15 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। समस्तीपुर में 20 मार्च 2026, जबकि गया में 31 मार्च 2026 से मैनुअल फिटनेस टेस्टिंग की सुविधा समाप्त कर दी जाएगी।


इसके अलावा बेगूसराय, सिवान, कैमूर, मोतिहारी, मधुबनी, पूर्णिया, गोपालगंज, भोजपुर और मुजफ्फरपुर जिलों में 26 जुलाई 2026 तक मैनुअल सिस्टम बंद करने का प्रस्ताव है। वहीं औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, बांका और सहरसा में 31 अक्टूबर 2026 से केवल ATS के माध्यम से ही फिटनेस टेस्ट किए जाएंगे। राज्य के शेष सभी जिलों में भी 31 अक्टूबर 2026 तक मैनुअल फिटनेस व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। केंद्र ने बिहार सरकार से यह भी कहा है कि वह तय समय-सीमा का सख्ती से पालन करे और ATS के कार्यान्वयन में तेजी लाए, ताकि राज्य में पर्याप्त और पारदर्शी टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित किया जा सके।


परिवहन विभाग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, ATS लागू होने से फिटनेस जांच में मानव हस्तक्षेप कम होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। यह फैसला राज्य में वाहन फिटनेस प्रणाली को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल में बिहार ट्रक ऑनर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्याक्ष राजेश कुमार, दीप नारायण सिंह दीपक, समस्तीपुर के अध्यक्ष संजय कुमार, संजीव सुमन, आरा के अध्यक्ष अजय यादव, बेगूसराय के अध्यक्ष रामनारायण सिंह, कानूनी सलाहकार  रामसेवक सिंह आदि मौजूद रहे।

धीरज पाराशर की रिपोर्ट