कांग्रेस के रुख पर मंत्री संतोष कुमार सुमन ने किया तीखा हमला, कहा स्टारलिंक पर पार्टी का यू-टर्न या राजनीतिक सुविधा? देश को जवाब दें राहुल गांधी!

Bihar News : हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के रुख पर तीखा प्रहार किया है....पढ़िए आगे

कांग्रेस के रुख पर मंत्री संतोष कुमार सुमन ने किया तीखा हमला
राहुल गाँधी से तीखे सवाल - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा की मार्च 2025 में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने स्टारलिंक की भारत में एंट्री को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल उठाए थे। लेकिन अक्टूबर 2026 में एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की मंजूरी में देरी और भारतीय उद्योगपतियों के प्रभाव पर सवाल उठाए, तो राहुल गांधी ने उनका स्वागत करते हुए लिखा— “Welcome to India, Elon. Wait till you discover the other guy.” 

मंत्री ने कहा की  राहुल गांधी जी, जब आपकी पार्टी खुद स्टारलिंक की एंट्री पर सुरक्षा संबंधी चिंताएँ जता रही थी, तो आज आप उसी कंपनी के मालिक का स्वागत किस नीतिगत आधार पर कर रहे हैं? आपको देश को तीन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए। पहला, क्या कांग्रेस आज भी मानती है कि स्टारलिंक के संचालन पर भारत का पूरा नियामकीय और सुरक्षा नियंत्रण सुनिश्चित होना चाहिए? दूसरा, क्या आपने एलन मस्क से डेटा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों पर कोई जवाब माँगा है? तीसरा, यदि आपकी पार्टी की चिंताएँ वास्तविक थीं, तो आज उन पर आपकी चुप्पी या बदला हुआ रुख किस बात का संकेत है? राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर कांग्रेस का रुख राजनीतिक सुविधा के अनुसार नहीं बदलना चाहिए।

संतोष कुमार सुमन ने कहा की जुलाई 2020 में एलन मस्क ने ट्वीट किया था— “We will coup whoever we want! Deal with it.” यह टिप्पणी बोलीविया में सत्ता परिवर्तन को लेकर हुई बहस के संदर्भ में थी; इसे भारत में किसी साजिश का प्रमाण नहीं कहा जा सकता। लेकिन विदेशी कारोबारी प्रभाव और राष्ट्रीय संप्रभुता के प्रश्नों पर सतर्कता आवश्यक है।

उन्होंने कहा की राहुल गांधी जी, क्या आप स्पष्ट करेंगे कि भारत के हितों और सुरक्षा के मामले में आपका रुख क्या है? भारत में कारोबार का स्वागत है, लेकिन देश के नियमों, सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। देश को राजनीतिक बयानबाजी नहीं, स्पष्ट जवाब चाहिए।