हाथ में कटोरा-थाली, गले में पोस्टर… अधनंगा हूं, किसी तरह से जिंदा हूं… विधानमंडल में MLC बंशीधर का अनोखा विरोध
बंशीधर ने इस अनोखे प्रदर्शन के जरिए एमएलसी ने वित्त रहित शिक्षकों की स्थिति की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वह वित्त रहित शिक्षकों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
Bihar Vidhan Parishad : बिहार विधानमंडल परिसर में वित्त रहित शिक्षकों की मांग को लेकर एमएलसी बंशीधर ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। शिक्षकों की आर्थिक स्थिति और उनकी समस्याओं को सरकार के सामने रखने के लिए एमएलसी हाथ में कटोरा और थाली लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे। एमएलसी बंशीधर के गले में एक पोस्टर भी लटका हुआ था, जिस पर लिखा था— “सरकार का मारा हूं, वक्त से हारा हूं, भूखा हूं, अधनंगा हूं, किसी तरह से जिंदा हूं… दे दे राम, दिला दे राम, देने वाला सीताराम।”
इस अनोखे प्रदर्शन के जरिए एमएलसी ने वित्त रहित शिक्षकों की स्थिति की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वह वित्त रहित शिक्षकों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। आज उनकी स्थिति ऐसी हो गई है कि वे भीख मांगने को मजबूर हैं। एमएलसी बंशीधर ने कहा, “वित्त रहित शिक्षकों के लिए मैं प्रदर्शन कर रहा हूं। आज उनकी यही स्थिति है कि वे भीख मांगने को मजबूर हैं। मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि वित्त रहित शिक्षकों को न्याय कब मिलेगा?”
विधानमंडल परिसर में एमएलसी का यह प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया। हाथ में कटोरा और थाली लेकर उन्होंने सरकार को यह संदेश देने की कोशिश की कि वर्षों से सेवा दे रहे वित्त रहित शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान एमएलसी बंशीधर का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन शिक्षकों की समस्याओं को उठाने का एक अलग तरीका रहा। प्रदर्शन के जरिए उन्होंने वित्त रहित शिक्षकों के लिए सम्मानजनक वेतन, आर्थिक सुरक्षा और न्याय की मांग को प्रमुखता से सामने रखा।