MLC जीवन कुमार का कड़ा रुख : विभागीय गलतियों की सजा 641 स्कूल क्यों भुगतें? मान्यता बढ़ाने की मांग
एमएलसी जीवन कुमार ने विधान परिषद में 641 अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता को 2029 तक बढ़ाने की मांग उठाई है। उन्होंने विभाग की नियमावली को त्रुटिपूर्ण बताते हुए शिक्षकों और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा पर जोर दिया।
Patna - बिहार विधान परिषद के सदस्य जीवन कुमार ने राज्य के 641 अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों के अस्तित्व को लेकर सरकार को घेरा है। गुरुवार को शून्यकाल के दौरान उन्होंने विभाग की 'त्रुटिपूर्ण नियमावली' का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि इन विद्यालयों की मान्यता अवधि को मार्च 2029 तक विस्तारित किया जाए, ताकि हजारों शिक्षकों और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
निलंबन और त्रुटिपूर्ण नियमावली का पेंच
एमएलसी जीवन कुमार ने सदन को बताया कि विभागीय विनियमावली 2011 (संशोधित 2013) की कमियों के कारण इन 641 विद्यालयों का कोड पहले निलंबित कर दिया गया था। खुद शिक्षा विभाग ने भी माना है कि संबद्धता विनियमावली 2011 दोषपूर्ण है और इसमें सुधार के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जा चुका है। लेकिन जब तक यह सुधार प्रक्रिया पूरी नहीं होती, इन स्कूलों पर बंदी की तलवार लटक रही है।
हजारों शिक्षकों और छात्रों के भविष्य का सवाल
तथ्यों को रखते हुए श्री कुमार ने कहा कि 15 अप्रैल 2025 के संकल्प के जरिए इन स्कूलों को 31 मार्च 2026 तक के लिए निलंबन मुक्त किया गया था। अब चूंकि यह समयसीमा नजदीक आ रही है, विद्यालय कर्मियों और वहां पढ़ रहे छात्रों के बीच गहरी चिंता और अनिश्चितता का माहौल है। जीवन कुमार ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि छात्रों के हित में इस अवधि को कम से कम तीन साल (2029) और बढ़ाया जाए।
Report - vandana sharma