शिक्षकों के हक पर डाका डालने वाले अफसरों की अब खैर नहीं! MLC जीवन कुमार ने सदन में सरकार को घेरा, मंत्री ने माना—हुई है बड़ी चूक

बिहार विधान परिषद् के बजट सत्र में आज शिक्षकों के अधिकारों को लेकर भारी गहमागहमी देखने को मिली। MLC जीवन कुमार ने ध्यानाकर्षण के जरिए राज्य के शिक्षकों के EPF (भविष्य निधि) कटौती और वेतन विसंगतियों का मुद्दा बेहद आक्रामक ढंग से उठाया।

शिक्षकों के हक पर डाका डालने वाले अफसरों की अब खैर नहीं! MLC

PATNA - बिहार विधान परिषद् के बजट सत्र में आज शिक्षकों के अधिकारों को लेकर जबरदस्त घमासान देखने को मिला। माननीय सदस्य जीवन कुमार ने ध्यानाकर्षण के जरिए राज्य के लाखों शिक्षकों के EPF (भविष्य निधि) और वेतन विसंगतियों का मुद्दा बेहद आक्रामक ढंग से उठाया। उन्होंने सीधे तौर पर अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए इसे शिक्षकों का आर्थिक शोषण करार दिया।

EPF की कटौती पर अफसरों का 'खेल' उजागर 

जीवन कुमार ने सदन में सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि कई जिलों में शिक्षकों के वेतन से EPF की राशि तो काट ली जा रही है, लेकिन वह उनके UAN (Universal Account Number) खाते में जमा नहीं हो रही है। उन्होंने विशेष रूप से मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) पर गई महिला शिक्षकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अवकाश के नाम पर पैसा रोकना न केवल प्रशासनिक विफलता है, बल्कि उनके मानवीय अधिकारों का हनन है। उन्होंने मांग की कि लापरवाह जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को तुरंत चिन्हित कर दंडित किया जाए।

शिक्षा मंत्री ने स्वीकार की गड़बड़ी, एक महीने की मोहलत 

विपक्ष के कड़े तेवरों के बीच शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन में स्वीकार किया कि कई जिलों में EPF जमा करने में गंभीर तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं आई हैं। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि विभाग ने एक नई SOP (Standard Operating Procedure) तैयार की है, जिससे मातृत्व अवकाश के दौरान भी वेतन समय पर मिलेगा।  EPF से जुड़ी सभी विसंगतियों को अगले एक महीने के भीतर पूरी तरह सुलझा लिया जाएगा। बेतिया और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों के DEO, जिन्होंने लापरवाही बरती है, उन पर जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सभापति का कड़ा रुख, प्रश्न स्थगित 

सरकार के जवाब से सदन संतुष्ट नजर नहीं आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभापति महोदय ने सरकार के जवाब पर असंतोष जताया और इस प्रश्न को स्थगित कर दिया। उन्होंने कड़ा निर्देश दिया कि सरकार इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करे और वर्तमान सत्र के अंतिम सप्ताह तक सदन को रिपोर्ट सौंपे कि किन-किन दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है।

अधिकारियों में मचा हड़कंप 

सदन में हुई इस तीखी बहस और सभापति के कड़े निर्देश के बाद शिक्षा विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया है। शिक्षकों के संगठन ने जीवन कुमार की इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अब सालों से लंबित EPF का पैसा उनके खातों में सुरक्षित पहुँचेगा।

Report - Bandana kumari