जलभराव पर फूटा मोकामा का गुस्सा, नरक में तब्दील हुई जिंदगी,चचरी पुल बना सहारा, घुटने भर पानी में पार्षदों ने धान रोपकर किया अनूठा प्रदर्शन

Bihar News: पटना के मोकामा नगर परिषद क्षेत्र में भारी बारिश और प्रशासनिक बदइंतजामी के चलते जलजमाव का गंभीर संकट पैदा हो गया है।

Mokama Flood Fury Paddy Protest Over Severe Waterlogging
रक में तब्दील हुई मोकामा के लोगों की जिंदगी - फोटो : social Media

Bihar News: पटना के मोकामा नगर परिषद क्षेत्र के गुरुदेव टोला वार्ड संख्या 1 और 2 में भारी बारिश और प्रशासनिक बदइंतजामी के चलते जलजमाव का गंभीर संकट पैदा हो गया है। सड़कों और गलियों में घुटने तक गंदा पानी भर जाने से आजिज आकर स्थानीय निवासियों ने गुरुवार को सड़क पर धान रोपकर अनोखा और उग्र विरोध प्रदर्शन किया।

जलजमाव की वजह से इस क्षेत्र की आधी आबादी का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात इतने बदतर हैं कि लोगों को आने-जाने के लिए लकड़ी और बांस का अस्थायी 'चचरी पुल' का सहारा लेना पड़ रहा है। इस त्रासद स्थिति के कारण बच्चों का स्कूल जाना मुहाल हो गया है, वहीं मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। जमा हुए गंदे पानी में जहरीले कीड़े-मकोड़े, खुले तारों से करंट लगने का अंदेशा और डेंगू-डायरिया जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।

बुडको की सुस्ती और 50 करोड़ के प्रोजेक्ट पर सवाल

ग्रामीणों का इल्जाम है कि नगर परिषद के दफ्तर में बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। पूरे नगर परिषद क्षेत्र में बुडको (BUDCO) द्वारा करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से नाला निर्माण का काम चल रहा है, लेकिन तकरीबन हर वार्ड में यह काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिसकी वजह से यह कृत्रिम आपदा और जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हुई है।

पार्षदों की अगुवाई में रोपा गया धान

प्रशासनिक उदासीनता और नरकीय जीवन से तंग आकर गुरुवार को वार्ड पार्षद हरेकृष्ण और रवि भारद्वाज की अगुवाई में सैकड़ों ग्रामीणों ने पानी से लबालब सड़क पर धान रोपकर रोष जताया। इस احتجاج में समाजसेवी छितेंद्र कुमार सिंह और पप्पू मिस्त्री समेत भारी तादाद में स्थानीय लोग शामिल हुए।

प्रशासन की सफाई

इस पूरे मामले पर नगर परिषद के अधिकारी संतोष रजक ने सफाई देते हुए कहा है कि बुडको के इंजीनियरों से बातचीत की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि अगले 3 से 4 दिनों के भीतर अधूरे नालों के काम को दुरुस्त कर पानी की निकासी का मुकम्मल बंदोबस्त कर दिया जाएगा।