पटना मरीन ड्राइव पर पहुंचे मुकेश सहनी: बाढ़ पीड़ितों से मिलकर सुनीं समस्याएं, राहत कार्य तेज करने की मांग

पटना मरीन ड्राइव पर पहुंचे मुकेश सहनी: बाढ़ पीड़ितों से मिलक
मुकेश सहनी ने बाढ़ पीड़ितों से मिलकर सुनीं समस्याएं- फोटो : देवांशु प्रभात

Patna : विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने 7 सितंबर को पटना के मरीन ड्राइव क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों से बातचीत कर उनके बीच चल रहे राहत एवं सहायता कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। सहनी ने प्रभावितों की समस्याएं सुनीं और सरकार से पीड़ित परिवारों तक तत्काल और पर्याप्त सहायता पहुंचाने की अपील की।


मौजूदा सरकारी राहत व्यवस्था को बताया अपर्याप्त 

मुकेश सहनी ने कहा कि बाढ़ के कारण स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं। उन्होंने माना कि सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर की परिस्थितियों को देखते हुए मौजूदा राहत व्यवस्था नाकाफी है। उन्होंने प्रशासन से राहत अभियानों में तेजी लाने और बड़े पैमाने पर मदद पहुंचाने की मांग की।


भोजन, दवा और नावों से सहायता का आग्रह 

वीआईपी प्रमुख ने ध्यान दिलाया कि बाढ़ के कारण कई परिवारों के सामने भोजन, पीने के स्वच्छ पानी, दवाइयों और रहने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने प्रशासन से कहा कि राहत सामग्री पहुंचाने में किसी भी प्रकार का विलंब न किया जाए। जिन इलाकों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो चुका है, वहां नावों के माध्यम से भोजन व चिकित्सा सुविधाएं तत्काल पहुंचाई जाएं।


फसलों और मकानों के नुकसान पर मुआवजे की मांग 

सहनी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ पीड़ितों को केवल तात्कालिक राहत देना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनके नुकसान का उचित आकलन कर आर्थिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से किसानों की बर्बाद फसलों, क्षतिग्रस्त घरों और अन्य संपत्तियों का त्वरित सर्वेक्षण कराने तथा प्रभावितों को उचित मुआवजा देने का आग्रह किया।


सामूहिक प्रयास और विशेष व्यवस्था की अपील 

आपदा के इस समय में सहनी ने सरकार, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मांग की कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, विशेषकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से राहत कार्यों की नियमित समीक्षा करने की अपील की।

देवांशु प्रभात की रिपोर्ट