मठ-मंदिरों की जमीन पर अब नहीं होगा कब्जा: बाबा गरीबनाथ समेत 86 मंदिरों की होगी घेराबंदी, प्रशासन ने शुरू की तैयारी
मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने जिले के 86 मठ-मंदिरों की जमीन को अतिक्रमण से बचाने के लिए चहारदीवारी निर्माण का बड़ा फैसला लिया है। इसमें बाबा गरीबनाथ मंदिर और राम-जानकी मठ जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।
Muzaffarpur - मुजफ्फरपुर जिले के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और उनकी संपत्तियों को अतिक्रमण से बचाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला लिया है। जिले के 86 प्रमुख मठों और मंदिरों की चहारदीवारी (Boundary Wall) के निर्माण की योजना तैयार की गई है, जिससे इन पवित्र स्थलों की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त रखा जा सके।
मठ-मंदिरों की सुरक्षा के लिए मास्टर प्लान
मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने जिले के प्रमुख मठों और मंदिरों की भूमि को सुरक्षित करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर सहित कुल 86 धार्मिक स्थलों की चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। जिला योजना पदाधिकारी ने स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को पत्र लिखकर सभी चिन्हित स्थलों का प्राक्कलन (Estimate) तैयार करने का निर्देश दिया है, ताकि तकनीकी स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
अतिक्रमण रोकने के लिए सख्त पहल
प्रशासन का यह निर्णय जिले में मठ-मंदिरों की जमीन पर बढ़ते अतिक्रमण की शिकायतों के बाद लिया गया है। चहारदीवारी के निर्माण से न केवल मंदिरों की जमीन का सीमांकन (Demarcation) स्पष्ट होगा, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। विशेष रूप से राम-जानकी मठ जैसे स्थानों पर, जहाँ पहले भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं, वहाँ इस पहल से भूमि को सुरक्षित करने में बड़ी मदद मिलेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों ने तैयार की संयुक्त सूची
इस योजना के लिए मठ-मंदिरों की सूची जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), उप विकास आयुक्त (DDC) और जिला योजना पदाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से तैयार की गई है। हालांकि, बाबा गरीबनाथ मंदिर, चतुर्भुज स्थान और कटरा चामुंडा स्थान जैसे कुछ प्रमुख स्थलों के रकबे (क्षेत्रफल) का विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं है, जिसके लिए अधिकारियों को जल्द से जल्द स्थल निरीक्षण कर सटीक डेटा जुटाने का निर्देश दिया गया है।
इन प्रखंडों के मंदिरों का होगा कायाकल्प
यह योजना जिले के लगभग सभी प्रमुख प्रखंडों को कवर करती है, जिनमें बोचहां, मुशहरी, कांटी, कुढ़नी, मीनापुर, पारू, मोतीपुर, सरैया, सकरा और कटरा शामिल हैं। प्रशासन की प्राथमिकता उन स्थलों पर है जहाँ अतिक्रमण का खतरा सबसे अधिक है। अभियंत्रण संगठन को निर्देश दिया गया है कि वे स्थल की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए त्रुटिहीन प्राक्कलन तैयार करें ताकि भविष्य में निर्माण संबंधी कोई तकनीकी समस्या न आए।
योजना में शामिल प्रमुख धार्मिक स्थल
चहारदीवारी निर्माण की इस सूची में बाबा सर्वेश्वर नाथ मंदिर, मां चामुंडा मंदिर, विशुनपुर बघनगरी मठ, माड़ीपुर मठ, पुरानी बाजार स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर और रानी सती मठ जैसे कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल मंदिरों की संपत्ति सुरक्षित होगी, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए भी एक व्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण तैयार होगा।