विधान परिषद में नीरज कुमार ने सवाल पर घिरा शिक्षा विभाग, MLC जीवन ने उठाए शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े सवाल
विभिन्न दलों के एमएलसी ने छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित समस्याओं को सदन में रखा, जिस पर सरकार की ओर से जवाब और आश्वासन दिया गया।
Bihar Vidhan Parishad : बिहार विधान परिषद में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा विभाग और शिक्षकों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए गए। विभिन्न दलों के एमएलसी ने छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित समस्याओं को सदन में रखा, जिस पर सरकार की ओर से जवाब और आश्वासन दिया गया।
इंटर्नशिप की जानकारी नहीं
जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने पटना स्थित बापू टावर में चल रहे सत्याग्रह इंटर्नशिप कार्यक्रम का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि यहां 60 घंटे का इंटर्नशिप कार्यक्रम संचालित हो रहा है, जिसमें कई स्कूल और कॉलेज के छात्र भाग लेने पहुंच रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस कार्यक्रम में कितने छात्र शामिल हो रहे हैं, इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के पास ही नहीं है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों और स्वतंत्रता आंदोलन से छात्रों को जोड़ने के लिए इस कार्यक्रम में सभी स्कूल और कॉलेज के छात्रों को शामिल किया जाना चाहिए। इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि कई स्थानों पर इंटर्नशिप कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन बापू टावर में कितने छात्र पहुंचे, इसकी विस्तृत जानकारी विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
डिग्री कॉलेज नहीं होने का मुद्दा
इसके बाद आरजेडी एमएलसी उर्मिला ठाकुर ने बेगूसराय के गढ़पुरा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यहां के छात्रों को पढ़ाई के लिए लगभग 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस पर शिक्षा मंत्री ने क्षेत्र का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
जल विद्युत निगम का लेखा-जोखा
सदन में बिहार राज्य जल विद्युत निगम के वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2015-16 तक के वार्षिक लेखा-जोखा और महालेखाकार की रिपोर्ट भी रखी गई, जिसे प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह ने प्रस्तुत किया।
जीवन कुमार ने शिक्षकों का मुद्दा उठाया
इस दौरान शिक्षकों के स्थानांतरण का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा। एमएलसी जीवन कुमार ने आरोप लगाया कि शिक्षकों का आवंटन गृह जिला और चॉइस के आधार पर नहीं किया गया है, जिससे कई शिक्षकों को 150 किलोमीटर दूर पदस्थापित होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि असाध्य रोग से पीड़ित शिक्षकों और पति-पत्नी के एक ही स्थान पर पदस्थापन के नियमों का भी पालन नहीं हुआ है। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है और जिनका नहीं हो पाया है, उन्हें दूसरा अवसर दिया जाएगा।
छात्रवृत्ति कोष का मुद्दा उठा
नीरज कुमार ने सर गणेश दत्त द्वारा गरीब छात्रों के लिए दिए गए छात्रवृत्ति कोष का मुद्दा उठाते हुए इसे स्थायी रूप से संचालित करने की मांग की। उन्होंने बताया कि 1968 के बाद लगभग 50 वर्षों तक पटना विश्वविद्यालय को इस कोष से सहायता नहीं मिली और वर्ष 2019 में इसे दोबारा शुरू किया गया, लेकिन नियमित राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इस पर शिक्षा मंत्री ने मामले में तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अभिजीत की रिपोर्ट