पूर्णिया सूरज बिहारी हत्याकांड: पिता जवाहर यादव के निधन पर पप्पू यादव का नीतीश सरकार पर हमला

पूर्णिया के व्यवसायी सूरज बिहारी की हत्या के बाद अब उनके पिता जवाहर यादव की भी मौत हो गई है. इसे लेकर पप्पू यादव ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है.

Purnia Suraj Bihari murder case
Purnia Suraj Bihari murder case - फोटो : news4nation

Purnia Suraj Bihari murder case : पूर्णिया के व्यवसायी सूरज बिहारी की हत्या के 10 दिन बाद उनके पिता जवाहर यादव का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। सूरज बिहारी हत्याकांड को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार और कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सूरज बिहारी के पिता और शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी जवाहर यादव का पुत्र-वियोग में निधन होना बेहद हृदयविदारक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लिखा कि सूरज बिहारी की निर्मम हत्या के बाद जवाहर यादव लगातार न्याय की उम्मीद में थे, लेकिन राज्य की लचर कानून-व्यवस्था ने न केवल एक बेटे की जान ली, बल्कि एक पिता की उम्मीद और जिंदगी भी छीन ली। पप्पू यादव ने इसे केवल स्वाभाविक मृत्यु नहीं, बल्कि सिस्टम की बेरुखी का परिणाम बताया।


दरअसल, पूर्णिया के बड़े कारोबारी परिवार से जुड़े सूरज बिहारी की 27 जनवरी को मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि सूरज बिहारी एक विवाद को सुलझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे, तभी बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।


इस मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। फरार आरोपियों पर कार्रवाई करते हुए न्यायालय के आदेश के बाद उनके घरों पर कुर्की के इश्तहार भी चिपकाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक ब्लॉगर सूरज शर्मा द्वारा एक लड़की की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से हुई थी। इसके विरोध में लड़की के बॉयफ्रेंड स्नेहिल झा ने सूरज शर्मा के साथ मारपीट की थी। इसी विवाद को सुलझाने के लिए सूरज बिहारी वहां पहुंचे थे, जहां उनकी हत्या कर दी गई।


घटना के लगभग 10 दिन बाद सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। बताया जा रहा है कि बेटे की अस्थियां विसर्जित कर लौटने के बाद वे इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सके। जवाहर यादव पूर्णिया के बड़े कारोबारी थे और गुलाबबाग में उनके कई गोदाम हैं, जहां अरबों रुपये का कारोबार होता है।


इस दोहरी त्रासदी के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और लोगों की नजरें अब पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।