Patna Shambhu Girls Hostel: NEET छात्रा केस में बड़ा खुलासा! मोबाइल की रहस्यमयी देरी पर CBI की सख्त पूछताछ, सस्पेंड थानेदार रौशनी कुमारी पर शक की सुई!
Patna Shambhu Girls Hostel: NEET छात्रा प्रकरण की जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां शक की सुई सीधे पुलिस महकमे के कुछ आला अफसरों की तरफ घूमती नजर आ रही है।...
Patna Shambhu Girls Hostel: बिहार के बहुचर्चित NEET छात्रा प्रकरण की जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां शक की सुई सीधे पुलिस महकमे के कुछ आला अफसरों की तरफ घूमती नजर आ रही है। अब इस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी सीबीआई ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है और इस मामले की पेचीदगियों को देखते हुए अब सीबीआई ने अपनी तफ्तीश का दायरा बढ़ा दिया है। जांच एजेंसी की सुई अब उन कड़ियों की तरफ घूम गई है, जो इस पूरे वाकये को एक गहरी साज़िश का रूप दे रही हैं। सस्पेंड थानेदार रौशनी कुमारी और एसडीपीओ अनु कुमारी से होने वाली दोबारा पूछताछ महज़ एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि उस गुमशुदा सच को तलाशने की कोशिश है जिसे फाइलों के नीचे दबाने की कोशिश की गई।
इस पूरे ड्रामे का मुख्य केंद्र वह मोबाइल फोन है, जो मुजरिमों तक पहुँचने का सबसे पुख्ता रास्ता हो सकता था। लेकिन अफ़सोस, उस रास्ते में देरी की ऐसी दीवार खड़ी की गई कि अब पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गए हैं।
आखिर मोबाइल को फॉरेंसिक लैब भेजने में इतनी सुस्ती क्यों दिखाई गई? वह मोबाइल किसके पास था? क्या उस दौरान उसमें मौजूद डेटा से कोई छेड़छाड़ की गई?क्या यह सिर्फ प्रशासनिक गफलत थी या किसी ऊंचे रसूख वाले शख्स को बचाने की सोची-समझी कोशिश?इसका उत्तर जानने की कोशिश में सीबीआई के अधिकारी लगे हैं और रौशनी कुमारी और अन्नू से इस बाबत पूछताछ की जा सकती है।
कानून की दुनिया में चेन ऑफ कस्टडी बहुत मायने रखती है। अगर सीबीआई की मिनट-दर-मिनट पड़ताल में यह साबित हो गया कि मोबाइल को जानबूझकर रोका गया, तो यह मामला लापरवाही के छोटे दायरे से निकलकर सबूत मिटाने (Section 201 IPC) जैसे संगीन जुर्म में तब्दील हो जाएगा।कहते हैं जब निज़ाम के रखवाले ही सुरागों को धुंधला करने लगें, तो इंसाफ की राह और भी दुश्वार हो जाती है।
पुलिस महकमे के गलियारों में इस वक्त जो खामोशी है, वह दरअसल किसी बड़े तूफान की आहट है। कॉल डिटेल्स और डिजिटल ट्रेल ऐसे राज उगल सकते हैं जो कई सफेदपोश चेहरों को बेनकाब कर देंगे। सीबीआई अब केस डायरी और जब्ती सूची का जिस बारीकी से मिलान कर रही है, उससे साफ है कि अब कोई भी अहम किरदार बच नहीं पाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या रौशनी कुमारी और अनु कुमारी इस बार एजेंसी के तीखे सवालों की ताब ला पाएंगी या फिर सच की आंच में कई और रसूखदार झुलसेंगे।
फिलहाल CBI की जांच तेज हो गई है और पुलिस महकमे में भी इस पूछताछ को लेकर खलबली मची हुई है। आने वाले दिनों में यह केस कई बड़े खुलासों की ओर बढ़ सकता है।