Patna New Railway Bridge: मोकामा के नए रेल पुल पर इस दिन से दौड़ेंगी ट्रेनें, 1700 करोड़ की लागत से बने ब्रिज पर 140 किमी प्रति घंटा होगी रफ्तार

Patna New Railway Bridge: मोकामा में राजेंद्र पुल के समानांतर नवनिर्मित रेल पुल को परिचालन में लाने की कवायद तेज हो गई है। ...

New Mokama Rail Bridge
नए गंगा रेल पुल- फोटो : social Media

Patna New Railway Bridge: मोकामा में राजेंद्र पुल के समानांतर नवनिर्मित रेल पुल को परिचालन में लाने की कवायद तेज हो गई है। नए पुल पर ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ करने के लिए रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में 21 सितंबर से प्रस्तावित नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य को लेकर शनिवार को पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने पुल का स्थल निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने दानापुर और सोनपुर मंडल की टीमों के साथ संबंधित एजेंसियों की मौजूदगी में एनआई कार्य की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश देते हुए सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।

एनआई कार्य के दौरान नए रेल पुल से जुड़ी रेल लाइन, सिग्नलिंग और परिचालन तंत्र को मौजूदा रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस दौरान विभागों के बीच बेहतर तालमेल और संरक्षा मानकों के सख्ती से पालन को प्राथमिकता दी जाएगी। महाप्रबंधक ने रेल ट्रैक, पुल और परिचालन से जुड़े अन्य अहम बिंदुओं का भी जायजा लिया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण और तकनीकी कार्यों में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। दानापुर के डीआरएम विनोद कुमार ने महाप्रबंधक को नए रेल पुल से संबंधित विभिन्न तैयारियों की जानकारी दी।

महाप्रबंधक ने सोनपुर मंडल के शाहपुर पटोरी, बरौनी, मानसी और काढ़ागोला रोड स्टेशनों का भी निरीक्षण किया। शाहपुर पटोरी में प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया, पैनल रूम, स्टेशन मास्टर कक्ष और शौचालय समेत यात्री सुविधाओं का जायजा लिया गया।अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने स्टेशन पर बेहतर और टिकाऊ फ्लोरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बरौनी, मानसी और काढ़ागोला रोड स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाओं और संरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।नए रेल पुल के चालू होने से मोकामा क्षेत्र में रेल परिचालन की क्षमता बढ़ने और ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने की उम्मीद है।