गोलघर के कायाकल्प को लेकर सीएम नीतीश का बड़ा फैसला, बनेगा पर्यटन हब, जानिए क्या–क्या बदलेगा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि गोलघर वास्तु कला का एक अदभुत नमूना है इसलिए इसके स्ट्रक्चर के रखरखाव का विशेष रूप से ख्याल रखें ताकि इसे और बेहतर तरीके से संरक्षित किया जा सके।
Nitish Kumar : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार ऐतिहासिक गोलघर परिसर का भ्रमण कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने गोलघर परिसर पार्क, गोलघर के स्ट्रक्चर की स्थिति, लाइट एंड साउंड एवं लेजर शो आदि का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुये कहा कि गोलघर एक ऐतिहासिक धरोहर है, काफी संख्या में लोग इसे देखने आते हैं।
उन्होंने कहा कि गोलघर परिसर के सौंदर्गीकरण एवं इसके रखरखाव को अच्छे ढंग से कराएं ताकि यह देखने में मनोरम लगे। वर्ष 2013 में यहाँ शुरू किए गए लाइट एंड साउंड तथा लेजर शो का नियमित रूप से संचालन हो, इससे लोगों को इतिहास के संबंध में जनकारी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि गोलघर की ऐतिहासिक महत्ता से यहां आनेवाले लोग अवगत हो सकें, इसके लिए यहां डिस्प्ले बोर्ड भी लगाकर प्रदर्शित करायें। गोलघर वास्तु कला का एक अदभुत नमूना है इसलिए इसके स्ट्रक्चर के रखरखाव का विशेष रूप से ख्याल रखें ताकि इसे और बेहतर तरीके से संरक्षित किया जा सके। भ्रमण के दौरान जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद संजय कुमार झा, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ० चंद्रशेखर सिंह, जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एस०एम० सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
गोलघर है ऐतिहासिक पहचान और पर्यटन का प्रमुख केंद्र
पटना का गोलघर शहर की ऐतिहासिक धरोहरों में प्रमुख स्थान रखता है। इसका निर्माण वर्ष 1786 में अंग्रेजी शासनकाल के दौरान किया गया था। तत्कालीन गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स के निर्देश पर इसे अनाज भंडारण के उद्देश्य से बनवाया गया था, ताकि अकाल जैसी स्थिति से निपटा जा सके। गोलघर की बनावट अद्वितीय है। इसकी ऊंचाई करीब 29 मीटर है और इसमें ऊपर तक पहुंचने के लिए 145 सीढ़ियां बनी हैं। खास बात यह है कि इसकी सीढ़ियां घड़ी की सुई की दिशा में घूमती हुई ऊपर जाती हैं। ऊपर से गंगा नदी और पटना शहर का मनोरम दृश्य दिखाई देता है, जो पर्यटकों को आकर्षित करता है।
आज गोलघर केवल एक ऐतिहासिक इमारत नहीं, बल्कि राजधानी पटना का प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। देश–विदेश से आने वाले सैलानी यहां की वास्तुकला और इतिहास को करीब से देखने पहुंचते हैं। राज्य सरकार भी इसे और विकसित करने के लिए समय–समय पर सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार की योजनाएं चला रही है।