एनएमसीएच में यादों का संगम: 1976 बैच के डॉक्टरों का होगा गोल्डन जुबली सम्मान

NMC में एलुमनाई सोसाइटी के नए कार्यालय का भव्य उद्घाटन डॉ. दिवाकर तेजस्वी और प्राचार्या डॉ. उषा कुमारी द्वारा किया गया। आगामी 2 अप्रैल को कॉलेज स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य एलुमनाई मीट का आयोजन होगा, जिसमें 1976 बैच के वरिष्ठ चिकित्सकों को सम्मानित

एनएमसीएच में यादों का संगम: 1976 बैच के डॉक्टरों का होगा गोल

Patna - : नालंदा मेडिकल कॉलेज (NMC) के गौरवशाली इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। कॉलेज परिसर में 'नालंदा मेडिकल कॉलेज एलुमनाई सोसाइटी' के नए कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस कार्यालय का उद्घाटन एलुमनाई सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. दिवाकर तेजस्वी, एनएमसी की प्राचार्या डॉ. उषा कुमारी तथा एनएमसीएच की अधीक्षक डॉ. रश्मि कुमारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह कार्यालय पूर्व छात्रों और संस्थान के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संस्थान के पूर्व छात्रों और प्रशासनिक अधिकारियों में भारी उत्साह देखा गया। सोसाइटी के सचिव डॉ. सुनील कुमार सहित कार्यकारिणी सदस्य डॉ. संजीव कुमार और डॉ. अजय कुमार ने इस पहल पर अपनी प्रसन्नता साझा की। उन्होंने विशेष रूप से कॉलेज की प्राचार्या डॉ. उषा कुमारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निरंतर सहयोग के कारण ही पूर्व छात्रों को संस्थान के भीतर अपना एक निश्चित स्थान मिल सका है, जिससे भविष्य की गतिविधियों में तेजी आएगी।

आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए एलुमनाई मीट (बैच 2023) के आयोजन सचिव डॉ. पुनीत कुमार ने बताया कि इस वर्ष 2 अप्रैल को कॉलेज का स्थापना दिवस सह एलुमनाई मीट बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे कॉलेज परिसर में होगी, जहाँ विभिन्न शैक्षणिक सत्रों के साथ-साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलेगा। दोपहर तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में पूर्व और वर्तमान छात्र एक साथ मंच साझा करेंगे।

इस वर्ष का एलुमनाई मीट विशेष रूप से 1976 बैच के चिकित्सकों के लिए यादगार होने वाला है। आयोजन समिति ने निर्णय लिया है कि चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी स्वर्ण जयंती (50 वर्ष) पूरी करने वाले 1976 बैच के वरिष्ठ चिकित्सकों को विशेष सम्मान से नवाजा जाएगा। इसके साथ ही, संस्थान की नींव रखने वाले और हजारों डॉक्टरों के भविष्य को संवारने वाले पूर्व शिक्षकों को भी उनके अतुलनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

दिनभर के कार्यक्रमों के पश्चात शाम को ऊर्जा ऑडिटोरियम में एक विशेष 'गाला डिनर' और पुनर्मिलन समारोह का आयोजन होगा। इस शाम का उद्देश्य पुराने साथियों को एक साथ लाना और यादों को ताजा करना है। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में 1993 बैच की महिला चिकित्सकों, जिनमें डॉ. कुमुद सिन्हा, डॉ. संगीता सिंह, डॉ. प्रतिभा श्रीवास्तव, डॉ. कुमारी रिंकू और डॉ. सुनीता कुमारी शामिल हैं, का समर्पण और प्रबंधन बेहद सराहनीय रहा है।