अब नौकरी नहीं, अपना रोजगार करेंगे : मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से युवाओं के सपनों को मिली नई उड़ान
राजधानी पटना स्थित बापू सभागार में गुरुवार को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लाभुकों को वित्तीय सहायता राशि की पहली किस्त का वितरण किया गया। सहायता राशि पाने के बाद लाभुकों के चेहरे पर अलग खुशी देखने को मिली......
Patna : बिहार में युवा उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार योजनाएं ला रही है। अब बिहार में निवेश के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर देशभर के उद्यमियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। सरकार की औद्योगिक नीतियों और योजनाओं के चलते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य औद्योगिकीकरण की ओर बढ़ रहा है। अब रोजगार का मिल रहा है।
गुरुवार को राजधानी पटना के बापू सभागार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के चयनित लाभुकों को पहली किस्त वितरित की गई। प्रथम चरण का प्रशिक्षण पूरा कर चुके 4,800 लाभुकों को 2 लाख रुपये प्रति लाभुक की दर से कुल 96 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि पूर्व चयनित लाभुकों को दूसरी व तीसरी किस्त के रूप में 42 करोड़ रुपये जारी किए गए।
राज्य के सभी 38 जिलों में MSME केंद्रों का उद्घाटन
उद्यमियों को डोर-स्टेप सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य के सभी 38 जिलों के जिला उद्योग केंद्रों में MSME केंद्रों की शुरुआत की गई। इसके साथ ही पारंपरिक शिल्पकारों, हस्तशिल्प, हथकरघा और स्वयं सहायता समूहों की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री क्लस्टर विकास योजना 2026, बिहार MSME नीति 2026 और सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियमावली 2026 का विमोचन किया गया।
एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य : सीएम
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एलान किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाना है। उन्होंने बताया कि 'पर्चेस प्रेफरेंस एक्ट' के तहत सरकारी खरीद में बिहार में निर्मित उत्पादों को 25% से 40% तक की हिस्सेदारी मिलेगी। योजना के अंतर्गत नई औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसमें 50% राशि अनुदान के रूप में शामिल है।
मुंगेर के सुजीत कुमार का बदलता सपना
मुंगेर जिले के तारापुर निवासी सुजीत कुमार ने बताया कि पढ़ाई के दौरान आर्थिक समस्याओं का सामना करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया से जानकारी लेकर आवेदन किया था। प्रशिक्षण पूरा होने और पहली किस्त मिलने के बाद अब वे अपना रोजगार शुरू कर अन्य लोगों को भी रोजगार देने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
आइसक्रीम उद्योग से आत्मनिर्भर होंगी नीलम कुमारी
तारापुर (मुंगेर) की ही नीलम कुमारी ने 10 लाख रुपये की योजना राशि मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक सहयोग से उनकी स्थिति में व्यापक सुधार आएगा और वे स्थानीय स्तर पर आइसक्रीम निर्माण का रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बनेंगी।