New Road Rules:सावधान! टोल पर सरकार का सख़्त पहरा, अब बिना बकाया चुकाए न बिकेगी गाड़ी, न मिलेगा फिटनेस, सरकार के सख्त नियम से सड़क पर चलेगी नो ड्यूज की हुकूमत

New Road Rules: अगर आप अपनी गाड़ी बेचने की तैयारी में हैं या फिटनेस रिन्यूअल और परमिट के चक्कर में हैं, तो यह खबर आपकी जेब और दस्तावेज़ दोनों से जुड़ी है। ...

No Toll Dues No Sale or Fitness Govt Tightens Grip on Vehicl
टोल पर सरकार का सख़्त पहरा- फोटो : social Media

New Road Rules: अगर आप अपनी गाड़ी बेचने की तैयारी में हैं या फिटनेस रिन्यूअल और परमिट के चक्कर में हैं, तो यह खबर आपकी जेब और दस्तावेज़ दोनों से जुड़ी है। केंद्र सरकार ने सड़क व्यवस्था में सख़्ती का डंडा चलाते हुए साफ कर दिया है कि अब टोल का बकाया चुकाए बिना न तो वाहन ट्रांसफर होगा और न ही फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट जारी किया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 2026 में संशोधन कर इस फैसले को कानून की शक्ल दे दी है।

मंत्रालय की नई नीति के मुताबिक, अगर किसी वाहन मालिक पर नेशनल हाईवे का टोल बकाया है, तो उसे पहले पूरा हिसाब-किताब चुकाना होगा। इसके बाद ही गाड़ी बेचने, दूसरे राज्य में रजिस्ट्रेशन कराने या फिटनेस रिन्यूअल जैसी सहूलियत मिलेगी। सरकार ने यह फैसला 11 जुलाई 2025 को जारी मसौदा नियमों पर जनता की राय लेने के बाद लागू किया है। अब टोल बकाया होने पर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी NOC नहीं मिलेगा—और बिना NOC कोई काम आगे नहीं बढ़ेगा।

इस संशोधन के तहत अपूर्ण उपयोग शुल्क  की नई परिभाषा भी जोड़ी गई है। अब सड़क चली, पैसा नहीं दिया वाला खेल खत्म। अगर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम में यह दर्ज हो गया कि आपकी गाड़ी ने नेशनल हाईवे का इस्तेमाल किया है, लेकिन टोल का भुगतान नहीं हुआ, तो वह सीधा बकाया माना जाएगा। यह शुल्क नेशनल हाईवे एक्ट 1956 के तहत वसूला जाएगा।

सरकार देशभर में बैरियर-फ्री टोल सिस्टम, यानी मल्टी-लेन फ्री फ्लो लागू करने की तैयारी में है। FASTag, ANPR कैमरा और AI एनालिटिक्स के ज़रिये बिना रुके टोल कटेगा। लेकिन कई मामलों में तकनीकी खामियों या बैलेंस की कमी से भुगतान अटक जाता है। सरकार का मानना है कि इससे राजस्व को नुकसान हो रहा है और इसी ‘टोल चोरी’ पर नकेल कसने के लिए ये नियम लाए गए हैं।

नए प्रावधानों के मुताबिक, वाहन ट्रांसफर, दूसरे जिले या राज्य में रजिस्ट्रेशन, फिटनेस सर्टिफिकेट और कमर्शियल वाहनों के परमिट—सब पर अब टोल बकाया की तलवार लटकी रहेगी। सियासी तौर पर देखें तो यह फैसला ‘अनुशासन की राजनीति’ का हिस्सा है, जहां सरकार साफ संदेश दे रही है—पहले बकाया चुकाओ, फिर सहूलियत पाओ।

अब वाहन मालिकों के लिए जरूरी है कि FASTag में हमेशा पर्याप्त बैलेंस रखें, ई-नोटिस को नज़रअंदाज़ न करें और किसी भी दस्तावेज़ी काम से पहले टोल बकाया की जांच जरूर करें। वरना सड़क पर चली गाड़ी, कागज़ों में फंस सकती है।