उत्पाद विभाग की छापेमारी के बाद युवक की मौत से भड़का आक्रोश, राजगीर-नवादा मार्ग जाम

नवादा जिले में उत्पाद विभाग की कार्रवाई के बाद एक युवक की मौत से इलाके में भारी तनाव फैल गया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर राजगीर–नवादा मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की...

उत्पाद विभाग की छापेमारी के बाद युवक की मौत से भड़का आक्रोश,
युवक की मौत से भड़का आक्रोश- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada :  जिले के नारदीगंज प्रखंड में शनिवार को उत्पाद विभाग की कार्रवाई के बाद एक युवक की मौत से इलाके में भारी तनाव फैल गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस व उत्पाद प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। स्थिति बिगड़ने पर इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।


परिजनों का गंभीर आरोप: बेरहमी से पिटाई के कारण हुई युवक की जान

मृतक के परिजनों का आरोप है कि उत्पाद विभाग की टीम शराब की सूचना मिलने पर इलाके में छापेमारी करने आई थी। इस दौरान टीम ने युवक को पकड़कर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी जान चली गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर राजगीर–नवादा मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


सड़क जाम से लगी वाहनों की लंबी कतार, आवागमन ठप

मुख्य मार्ग जाम किए जाने के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी उत्पाद विभाग के दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।


पुलिस और उत्पाद विभाग ने आरोपों को किया खारिज

वहीं दूसरी ओर, पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने परिजनों द्वारा लगाए गए पिटाई के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि युवक के साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं की गई है। पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है।


इलाके में तनाव, पुलिस बल तैनात और शांति बनाए रखने की अपील

घटना के बाद उत्पन्न हुए तनाव को देखते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने तथा कानून हाथ में न लेने की अपील की है।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट