बिहार में WASH सेवाओं को मिलेगा नया बल: PHED ने की 5 मॉडल जलापूर्ति योजनाओं की घोषणा
पटना में आयोजित स्टेट रिफ्लेक्शन वर्कशॉप में PHED बिहार ने WASH क्षेत्र में कार्यरत NGOs को जिला स्तर पर प्रशासनिक सहयोग देने और 5 मॉडल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के विकास की घोषणा की है। इस पहल से सतत विकास लक्ष्य-6 (SDG-6) को हासिल करने में मदद मिल
पटना के होटल चाणक्य में 'वाटर फॉर पीपल इंडिया' द्वारा राज्य स्तरीय रिफ्लेक्शन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बिहार में सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता और स्वच्छ व्यवहार (WASH) सेवाओं को अधिक सुदृढ़, समावेशी और जलवायु-अनुकूल बनाना है। इस कार्यशाला में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के वरिष्ठ अधिकारियों और कई प्रमुख विकास साझेदारों ने एक साथ आकर सतत विकास लक्ष्य-6 (SDG-6) की प्राप्ति हेतु भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।

PHED की बड़ी घोषणाएँ और प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, PHED के अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव (मुख्यालय) नित्यानंद प्रसाद ने WASH क्षेत्र में कार्य कर रही गैर-सरकारी संस्थाओं (NGOs) को जिला स्तर पर पूर्ण प्रशासनिक एवं तकनीकी सहयोग देने का निर्देश जारी करने की बात कही। इसके साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि विभाग विकास साझेदारों के सहयोग से उनके कार्यक्षेत्र वाले जिलों में पाँच मॉडल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, जिससे सामुदायिक भागीदारी पर आधारित टिकाऊ जलापूर्ति मॉडल विकसित किए जा सकें।

पंचायती राज विभाग का वाटर बजटिंग अभियान में सहयोग का आह्वान
कार्यशाला में पंचायती राज विभाग (PRD) ने भी विकास साझेदारों से अपने आगामी 'वाटर बजटिंग अभियान' में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की। विभाग ने स्पष्ट किया कि इस अभियान की सफलता के लिए जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और प्रभावी IEC/SBCC सामग्री का विकास अत्यंत आवश्यक है। वाटर फॉर पीपल के स्टेट इंचार्ज विवेक शरण ने स्वागत भाषण में इस बात पर जोर दिया कि मजबूत WASH प्रणाली केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण से नहीं, बल्कि संस्थागत व्यवस्था और अंतर-विभागीय समन्वय से संभव होती है।
बिल्डिंग ब्लॉक असेसमेंट: WASH सिस्टम की मैच्योरिटी में 18% का सुधार
राजीव राणा और तृप्ति अष्टणकर द्वारा बिहार के चार परिचालन जिलों में किए गए 'बिल्डिंग ब्लॉक असेसमेंट' के परिणाम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें सभी अधिकारियों और सहयोगियों ने मान्य किया। अध्ययन के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
सिस्टम मैच्योरिटी: राज्य की समग्र WASH प्रणाली का स्कोर 2.47 से बढ़कर 2.90 हो गया, जो 18% की वृद्धि दर्शाता है।
मॉनिटरिंग और संस्थान: मॉनिटरिंग स्कोर 1.50 से बढ़कर 3.05 हुआ, जबकि स्कूलों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में WASH सेवाओं का स्कोर 1.25 से बढ़कर 2.62 हो गया।
भविष्य की प्राथमिकताएँ: प्रतिभागियों ने माना कि आने वाले वर्षों में स्वच्छ व्यवहार (Hygiene), संस्थागत क्षमता और जवाबदेही में सुधार पर मुख्य फोकस रहेगा।
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प्रमुख विकास साझेदारों की भागीदारी और भविष्य का संकल्प
इस कार्यशाला में UNICEF, AKRSPI, Aga Khan Foundation (AKF), WaterAid, Gram Vaani, DMI-Patna, Pramarth तथा Gramswaraj जैसे प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधियों और PHED के कई वरिष्ठ अधिकारियों अभय कुमार सिंह, दयाशंकर प्रसाद, रामचंद्र पांडेय, मुनीश चंद्र झा और डेविड कुमार चतुर्वेदी ने हिस्सा लिया। वाटर फॉर पीपल ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया और विश्वास जताया कि सरकार तथा विकास साझेदारों का यह सामूहिक प्रयास बिहार में जल और स्वच्छता सेवाओं को एक नई गति प्रदान करेगा।