'पुलिस दीदी' पहुंची स्कूल: पालीगंज में 'नया सवेरा' अभियान के तहत मानव तस्करी और बाल सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम
बिहार पुलिस की 'पुलिस दीदी' टीम और अभया ब्रिगेड ने मध्य विद्यालय लालगंज सेहरा में बच्चों और महिलाओं को मानव तस्करी, साइबर क्राइम व छेड़छाड़ से बचाव के गुर सिखाए। पालीगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में लोगों को आपातकालीन हेल्पलाइन
बिहार पुलिस के कमजोर वर्ग, अपराध अनुसंधान विभाग (CID) द्वारा चलाए जा रहे 'नया सवेरा' अभियान के अंतर्गत पालीगंज के मध्य विद्यालय लालगंज सेहरा में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पालीगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन में 'ऑपरेशन विधि' और 'ऑपरेशन पलक' के तहत स्कूली बच्चों, महिलाओं और बालिकाओं को मानव तस्करी, साइबर अपराध और महिला उत्पीड़न जैसी गंभीर समस्याओं से बचाव के तरीकों से लगातार अवगत कराया जा रहा है।
अभया ब्रिगेड की 'पुलिस दीदी टीम' ने दिए सुरक्षा और अधिकारों के गुर
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहीं अभया ब्रिगेड की पदाधिकारी एसआई प्रेमलता कुमारी ने बताया कि बिहार पुलिस की 'पुलिस दीदी टीम' लगातार स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर अभियान चला रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, छात्राओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा के उपायों तथा सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी देकर उन्हें मानसिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।

अनजान लोगों के झांसे में न आने और सतर्क रहने की अपील
जागरूकता सत्र के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों और बच्चों को आगाह किया कि वे नौकरी, बेहतर जिंदगी या किसी भी तरह का लालच देने वाले अज्ञात व्यक्तियों के बहकावे में बिल्कुल न आएं। पुलिस ने जोर देकर कहा कि मानव तस्करी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी मिलने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया गया।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी, त्वरित मदद का भरोसा
कार्यक्रम के अंत में आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर साझा किए गए। किसी भी प्रकार के संकट में महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस आपातकालीन सेवा 112 और साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क करने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह के जन-जागरूकता अभियानों से महिला एवं बाल अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
ऋषिकेश की रिपोर्ट