पटना के पास बसने जा रही फ्यूचर सिटी, 66 लाख आबादी के लिए तैयार होगा पाटलिपुत्र टाउनशिप, यहां आप 15 मिनट में पहुंचेंगे स्कूल, अस्पताल और बाजार, खासियत जान कर हैरान हो जाएंगे आप

Patliputra Township: पटना के पास एक आधुनिक, सुनियोजित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पाटलिपुत्र टाउनशिप बसाने की तैयारी तेज हो गई है। ...

Patliputra Township to House 6 6 Million Near Patna by 2046
पटना के पास बसने जा रही फ्यूचर सिटी- फोटो : Hiresh Kumar

Patliputra Township:  पटना के पास एक आधुनिक, सुनियोजित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पाटलिपुत्र टाउनशिप बसाने की तैयारी तेज हो गई है। अगले 20 वर्षों की विकास योजना को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस मेगा प्रोजेक्ट में 81,730 एकड़ क्षेत्र का विकास किया जाएगा, जहां करीब 66.10 लाख लोगों के रहने की व्यवस्था होगी। राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित 12 नई टाउनशिप में सबसे पहले इसी परियोजना को जमीन पर उतारा जा रहा है। इसे बिहार के सबसे बड़े शहरी विकास प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है।

इस टाउनशिप की सबसे बड़ी खासियत ‘15 मिनट नेबरहुड’ का कॉन्सेप्ट होगा। यानी लोगों को स्कूल, अस्पताल, पार्क, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। हर जरूरी सुविधा घर से महज 15 मिनट की पैदल या साइकिल दूरी पर उपलब्ध होगी। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों की जीवनशैली अधिक सुविधाजनक बनेगी।

यह महत्वाकांक्षी टाउनशिप पटना जिले के पुनपुन, फतुहा, संपतचक, धनरुआ, नौबतपुर, दनियावां, मसौढ़ी, पटना ग्रामीण और फुलवारीशरीफ प्रखंडों के 273 गांवों को कवर करेगी। पहले चरण में पुनपुन प्रखंड के 19 गांवों की 3,008 एकड़ भूमि पर विकास कार्य शुरू होगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा।

शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए 90 मीटर चौड़ी मुख्य सड़कें, 60 मीटर चौड़ा रिंग रोड और 30 से 45 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कें बनाई जाएंगी। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए यह क्षेत्र बिहटा-सरमेरा रोड, पटना-गया रोड और प्रस्तावित आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ा रहेगा। शहर के भीतर मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) और पटना-गया-बोधगया रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) चलाने की भी योजना है। वहीं जट डुमरी रेलवे जंक्शन के पास विशाल मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब बनाया जाएगा, जहां ट्रेन, बस और मेट्रो जैसी सभी परिवहन सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

पाटलिपुत्र टाउनशिप को रोजगार का बड़ा केंद्र बनाने की भी तैयारी है। फतुहा के जैतिया मौजा में 242 एकड़ में फिनटेक और आईटी कंपनियों के लिए विशेष हब विकसित होगा। इसी क्षेत्र में 105 एकड़ में आधुनिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क बनाया जाएगा। वहीं पुनपुन के डुमरी में 100 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम विकसित किया जाएगा। इसके अलावा 39 एकड़ भूमि पर बिहार न्यायिक अकादमी की स्थापना होगी, जहां न्यायिक अधिकारियों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को भी इस परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। पुनपुन, दरधा और फल्गु नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को सुरक्षित रखते हुए पुनपुन और दरधा के संगम पर 25 अरब लीटर क्षमता का विशाल जलाशय बनाया जाएगा, जो आपातकालीन स्थिति में पूरे शहर को लगभग एक महीने तक पानी की आपूर्ति कर सकेगा। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सड़कों के नीचे मल्टी-यूटिलिटी टनल बनाई जाएगी, ताकि बिजली, पानी, गैस और इंटरनेट जैसी सेवाओं के रखरखाव के लिए बार-बार सड़कें न खोदनी पड़ें। इसके साथ ही न्यूमैटिक वेस्ट कलेक्शन सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीक से पाइपलाइन के जरिए कचरा संग्रहण की भी योजना है।राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान की अधिसूचना जारी कर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। नागरिक अपने सुझाव udhd@bihar.gov.in पर भेज सकते हैं। सरकार का दावा है कि यह परियोजना न सिर्फ पटना के शहरी विस्तार को नई दिशा देगी, बल्कि बिहार में आधुनिक, स्मार्ट और टिकाऊ शहरी विकास का नया मॉडल भी स्थापित करेगी।