Patna Electricity News: अब बिजली चोरों की खैर नहीं, पकड़ने के लिए अधिकारियों ने बनाया ये प्लान

Patna Electricity News: मकानों में बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें मीटर को बाइपास कर बिजली इस्तेमाल करने और रिमोट के जरिए मीटर की रीडिंग प्रभावित करने जैसी कथित गड़बड़ियां शामिल हैं।

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अब बिजली चोरों की खैर नहीं- फोटो : social Media

Patna Electricity News: पटना में बिजली कनेक्शन और मीटर व्यवस्था को लेकर बिजली विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। पेसू के अभियंताओं के मुताबिक, जांच के दौरान मकानों में बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें मीटर को बाइपास कर बिजली इस्तेमाल करने और रिमोट के जरिए मीटर की रीडिंग प्रभावित करने जैसी कथित गड़बड़ियां शामिल हैं।दीघा, दानापुर और बाइपास क्षेत्र में ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा शहर के अलग-अलग इलाकों में छोटे व्यवसायों और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े कुछ प्रतिष्ठानों में भी बिजली चोरी के मामले सामने आने की बात कही गई है।

हर महीने 100 से अधिक मामले पकड़ने का दावा

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पेसू क्षेत्र में औसतन हर महीने 100 से अधिक लोगों को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा जा रहा है। इसी वजह से पुराने मीटर वाले परिसरों की पहचान और संदिग्ध कनेक्शनों का सत्यापन अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया है।आने वाले दिनों में जांच अभियान के जरिए पुराने मीटर वाले उपभोक्ताओं की वास्तविक संख्या, स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की स्थिति और बिजली चोरी से जुड़े मामलों की पहचान पर जोर रहेगा। विभाग का प्रयास है कि मीटर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जाए और बिजली की खपत के अनुसार सही बिलिंग सुनिश्चित हो सके।

1.28 लाख बिजली उपभोक्ता पुराने पोस्टपेड मीटर के भरोसे

पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग (पेसू) क्षेत्र में अब भी करीब 1.28 लाख बिजली उपभोक्ता पुराने पोस्टपेड मीटर के भरोसे हैं। इन उपभोक्ताओं के परिसरों में अब तक स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगाए गए हैं। ऐसे कनेक्शनों की पहचान करने और बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए पेसू ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत सभी 13 डिविजनों में तीन सदस्यीय टेक्नीशियन टीमों का गठन किया गया है।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, दानापुर से पटना सिटी तक फैले पेसू क्षेत्र में कुल 7.61 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 6.33 लाख उपभोक्ताओं के घरों और परिसरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। शेष 1.28 लाख उपभोक्ता अभी भी पुराने मीटर से बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। अभियान के दौरान ऐसे परिसरों की पहचान कर मीटर व्यवस्था की स्थिति का सत्यापन किया जाएगा।

सभी 13 डिविजनों में टीमों को मिली जिम्मेदारी

पेसू ने पुराने मीटर वाले उपभोक्ताओं का पता लगाने के लिए तकनीकी कर्मियों की टीमें तैनात की हैं। इन टीमों को घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य परिसरों में जाकर मीटर की स्थिति की जांच करने का जिम्मा दिया गया है। इसके साथ ही बिजली कनेक्शन के इस्तेमाल और संभावित अनियमितताओं की भी पड़ताल की जाएगी।अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य बिजली चोरी के मामलों पर रोक लगाना है। जांच के दौरान मीटर से छेड़छाड़, अवैध कनेक्शन और बिजली आपूर्ति में बाइपास जैसी गड़बड़ियों पर विशेष नजर रखी जाएगी।

तीन महीने से रिचार्ज नहीं कराने वाले भी जांच के दायरे में

विभाग ऐसे स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं का भी सत्यापन कर रहा है, जिनका स्वीकृत लोड तीन से छह किलोवाट के बीच है और जिन्होंने पिछले तीन महीने से मीटर रिचार्ज नहीं कराया है। ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन और बिजली खपत से जुड़ा डाटा जुटाया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, कुछ उपभोक्ताओं के नाम पर बिजली कनेक्शन और शहर में मकान या फ्लैट तो हैं, लेकिन वे नियमित रूप से वहां नहीं रहते। खासकर अपार्टमेंट में फ्लैट खरीदने वाले कुछ लोग महीने में एक-दो बार ही आते हैं और एक-दो दिन ठहरने के बाद लौट जाते हैं। ऐसे परिसरों में बिजली की खपत कम रहने के कारण वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जा रहा है। हालांकि, कम खपत या रिचार्ज नहीं कराने मात्र से बिजली चोरी की पुष्टि नहीं होती।