पटना: DCLR कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे NRI पर हमले का प्रयास, 112 ने बचाई जान
गया के रहने वाले और वर्तमान में सिंगापुर में कार्यरत धीरज कुमार ने आरोप लगाया है कि भू-माफिया और उनके गुर्गों ने उन्हें कोर्ट परिसर के अंदर ही घेर लिया। इस दुस्साहसिक घटना ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पटना के दानापुर कोर्ट परिसर में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक म्यूटेशन मामले में आपत्ति दर्ज कराने आए सिंगापुर निवासी धीरज कुमार पर जानलेवा हमले का प्रयास किया गया। मूल रूप से गया के रहने वाले और वर्तमान में सिंगापुर में कार्यरत धीरज कुमार ने आरोप लगाया है कि भू-माफिया और उनके गुर्गों ने उन्हें कोर्ट परिसर के अंदर ही घेर लिया। इस दुस्साहसिक घटना ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्लॉट संख्या A133 के म्यूटेशन विवाद से जुड़ा है मामला
पूरा मामला डीसीएलआर (DCLR) कोर्ट में चल रहे एक भूमि विवाद से संबंधित है। पीड़ित धीरज कुमार के अनुसार, वे 'श्री जीवन लाल' के नाम से चल रहे एक गलत म्यूटेशन मामले में अपनी आपत्ति दर्ज कराने आए थे। उनका दावा है कि विवादित प्लॉट संख्या A133 उनकी वैध भूमि है, जबकि विपक्ष उसे हड़पने की कोशिश कर रहा है। इसी विरोध से बौखलाकर विपक्षी पार्टी के मनोज पाठक ने उन्हें साजिश के तहत निशाना बनाने की कोशिश की।
विपक्षी और अज्ञात गुर्गों पर साजिश का आरोप
पीड़ित ने दानापुर थाने में दिए आवेदन में बताया कि कोर्ट परिसर में मनोज पाठक ने उन्हें अपने पास बुलाया, जिसके बाद तीन मजबूत कद-काठी के अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे और उन्हें पीछे से पकड़कर हमला करने का प्रयास किया। धीरज कुमार ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि आरोपी और उसके साथी लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
सुरक्षा की गुहार और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
घटना के बाद पीड़ित ने दानापुर थाना पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने मनोज पाठक और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। पीड़ित का कहना है कि यह हमला उन्हें डराने और उनके कानूनी अधिकारों से पीछे हटाने के लिए किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। यह मामला पूर्व में रूपसपुर थाना में दर्ज कांड संख्या 33/26 से भी जुड़ा बताया जा रहा है।