अब 'बांस घाट' पर अंतिम संस्कार के लिए घर बैठे करनी होगी ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, नंबर किया गया जारी
बांस घाट स्थित निर्माणाधीन अत्याधुनिक शवदाह गृह में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए अब ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की सुविधा शुरू की जा रही है। ₹89.40 करोड़ की लागत से बन रहे इस हाई-टेक परिसर में परिजनों को अब लंबी कतार
Patna - : पटना नगर निगम ने शोकाकुल परिजनों को बड़ी राहत देते हुए बांस घाट स्थित निर्माणाधीन अत्याधुनिक शवदाह गृह के लिए ऑनलाइन बुकिंग सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। स्मार्ट सिटी पहल के तहत ₹89.40 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे इस केंद्र पर अब लोगों को लंबी कतारों और अव्यवस्था से मुक्ति मिलेगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्लाट सुरक्षित करने की यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी, बल्कि दुख की घड़ी में परिजनों की भागदौड़ को भी कम करेगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म: वॉट्सऐप और पोर्टल से बुकिंग
पटना नगर निगम इस सुविधा को बेहद सरल बनाने के लिए तीन मुख्य माध्यमों का उपयोग कर रहा है:
वॉट्सऐप चैटबॉट: मोबाइल नंबर 9264447449 पर मैसेज भेजकर सीधे स्लॉट बुक किया जा सकेगा।
ऑनलाइन पोर्टल: मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन कर मृतक का विवरण भरकर बुकिंग की जा सकेगी।
24/7 हेल्पलाइन: फोन कॉल के माध्यम से भी सेवा अनुरोध दर्ज कराने की सुविधा होगी।
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'वन-स्टॉप' समाधान: पूजन सामग्री से शव वाहन तक
ऑनलाइन पोर्टल केवल स्लॉट बुकिंग तक सीमित नहीं रहेगा। परिजनों की सुविधा के लिए यहाँ कई अन्य सेवाएँ भी उपलब्ध होंगी:
शव वाहन सेवा की अग्रिम बुकिंग।
लकड़ी और पूजन सामग्री की ऑनलाइन व्यवस्था।
डिजिटल पेमेंट: भुगतान के लिए यूपीआई (UPI) और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के विकल्प मौजूद रहेंगे।
बुकिंग सफल होने पर मोबाइल पर SMS के जरिए कंफर्मेशन भेजा जाएगा।
ऑनलाइन जारी होंगे डेथ और बर्निंग सर्टिफिकेट
प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस और पारदर्शी बनाने के लिए नगर निगम ने प्रमाण पत्रों को भी डिजिटल कर दिया है। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डेथ सर्टिफिकेट (Death Certificate) और बर्निंग सर्टिफिकेट (Burning Certificate) सीधे पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे, जहाँ से परिजन इन्हें आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे।
₹89.40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक निर्माण
बांस घाट स्थित इस शवदाह गृह का निर्माण बुडको (BUIDCO) द्वारा किया जा रहा है। ₹89.40 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। यह परिसर न केवल व्यवस्थित होगा, बल्कि पर्यावरण अनुकूल भी होगा, जिससे प्रदूषण और पर्यावरणीय क्षति को न्यूनतम स्तर पर लाने में मदद मिलेगी।
ऑन-स्पॉट सहायता के लिए हेल्प डेस्क
डिजिटल साक्षरता की कमी को देखते हुए प्रशासन ने शवदाह गृह परिसर में एक समर्पित हेल्प डेस्क की भी योजना बनाई है। यदि कोई परिवार ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाता है, तो हेल्प डेस्क की टीम मौके पर ही उनका ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन करने में सहायता प्रदान करेगी, ताकि किसी को भी असुविधा न हो।