Patna News: पटना की 24 आवासीय कॉलोनियां निगम के रडार पर, 27,395 संपत्तिधारकों को नोटिस, कार्रवाई की तैयारी

Patna News:पटना आवासीय इलाकों में मकानों और परिसरों के गैर-आवासीय इस्तेमाल को लेकर पटना नगर निगम ने कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। ...

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पटना की 24 कॉलोनियों पर सीलिंग का खतरा- फोटो : X

Patna News:पटना आवासीय इलाकों में मकानों और परिसरों के गैर-आवासीय इस्तेमाल को लेकर पटना नगर निगम ने कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। राजधानी की 24 आवासीय कॉलोनियां निगम के रडार पर हैं। इनमें सबसे पहले कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। ये सभी कॉलोनियां मास्टर प्लान-2031 में दर्ज हैं।इन 24 कॉलोनियों में बिहार सरकार की 11, केंद्र सरकार की 3 और निजी 10 कॉलोनियां शामिल हैं। बिहार सरकार की कॉलोनियों में राजवंशी नगर, शास्त्री नगर, गर्दनीबाग, श्रीकृष्ण पुरी, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कंकड़बाग कॉलोनी, बहादुरपुर कॉलोनी, राजेंद्र नगर कॉलोनी, हनुमान नगर, छज्जूबाग और सीडीए कॉलोनी शामिल हैं।

केंद्र सरकार की कॉलोनियों में पीएनटी कॉलोनी, राजस्व कॉलोनी और आरबीआई कॉलोनी हैं। वहीं निजी कॉलोनियों में आशियाना नगर, कृषि नगर, पुलिस कॉलोनी, बीएम कॉलोनी, एजी कॉलोनी, राजीव नगर, बुद्धा कॉलोनी, श्रीकृष्ण नगर (आईएएस) कॉलोनी, आनंदपुरी और एमएमए फ्लैट कॉलोनी शामिल हैं।

27,395 संपत्तिधारकों को नोटिस

नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में मकानों और परिसरों के व्यावसायिक इस्तेमाल के मामले में 27,395 संपत्तिधारकों को नोटिस जारी किया है। संबंधित अंचल कार्यालयों की ओर से नोटिस का तामिला भी कराया जा चुका है। निगम की ओर से पटना की महापौर सीता साहू को भी नोटिस दिया गया है।

नगर आयुक्त यशपाल मीणा के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में ऐसे मामलों और स्थलों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी अंचलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जिन मामलों में स्थिति स्पष्ट है, उनमें नियमों के मुताबिक आगे की कार्रवाई होगी। वहीं जिन मामलों में स्थिति स्पष्ट नहीं है, वहां आदेश के प्रावधानों और संबंधित बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।

शहर की करीब आधी जमीन आवासीय

मास्टर प्लान के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में कुल 104.22 वर्ग किलोमीटर जमीन है। इसमें 49.56 वर्ग किलोमीटर यानी 47.55 फीसदी क्षेत्र आवासीय उपयोग में है। इसके बाद 18.40 वर्ग किलोमीटर जमीन खाली या कृषि उपयोग की है।

सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक उपयोग में 10.61 वर्ग किलोमीटर, परिवहन व सड़क के लिए 6.15 वर्ग किलोमीटर, व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 4.65 वर्ग किलोमीटर और मिश्रित उपयोग के लिए 3.52 वर्ग किलोमीटर जमीन दर्ज है। औद्योगिक, हवाई अड्डा, रेलवे, नदी-बांध, जलाशय और वन क्षेत्र भी मास्टर प्लान में अलग-अलग चिह्नित हैं।

रिपोर्ट- हीरेश कुमार