Patna Cyber Fraud Case: अगमकुआं के फ्लैट्स में छापेमारी, 55 ATM और लाखों कैश के साथ दबोचे गए अंतरराज्यीय साइबर ठग

पटना साइबर थाना पुलिस ने अगमकुआं थाना क्षेत्र स्थित फ्लैट्स में छापेमारी कर 9 अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों और आधार कार्ड में एड्रेस बदलवाकर फर्जी बैंक खाते खुलवाता था और साइबर ठगी का पैसा ट्रांसफर कराकर निकाल

Patna cyber crime gang busted
पटना पुलिस का बड़ा एक्शन ,साइबर क्राइम के बड़े गिरोह का भंडाफोड़- फोटो : Reporter

पटना साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने अगमकुआं थाना क्षेत्र स्थित एक फ्लैट में छापेमारी कर 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया। उनसे मिली जानकारी के आधार पर पास के ही दूसरे फ्लैट में दबिश देकर 4 अन्य लोगों को दबोचा गया। इस तरह पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से कुछ आरोपी पश्चिम बंगाल, दिल्ली और लखनऊ के रहने वाले हैं। 


लाखों कैश, दर्जनों एटीएम, पासबुक और चेकबुक बरामद

मुख्य आरोपी राहुल कुमार की निशानदेही पर उसके मकान से 10 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 30 एटीएम कार्ड, 36 चेकबुक और 49 पासबुक बरामद किए गए। इसके अलावा अन्य अभियुक्तों के पास से 25 एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल फोन और 2,86,400 रुपये नकद जब्त किए गए हैं। आरोपी राहुल कुमार पटना के मालसलामी थाना क्षेत्र का रहने वाला है और वह स्नातक (ग्रेजुएट) है। वह पिछले 4-5 वर्षों से इस अवैध धंधे में सक्रिय है और पूर्व में पटना EOU तथा हरियाणा पुलिस द्वारा भी जेल भेजा जा चुका है।  

फर्जी आधार और बैंक खातों के जरिए साइबर फ्रॉड का खेल

पुलिस पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके (MO) का खुलासा हुआ है। ये शातिर अपराधी फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर आधार केंद्र से आधार कार्ड में पता (Address) बदलवा लेते थे। इसके बाद फर्जी दस्तावेज बनाकर नए बैंक खाते खुलवाए जाते थे। साइबर फ्रॉड से ठगा गया पैसा इन्हीं फर्जी (Mule) खातों में ट्रांसफर कराया जाता था, जिसे बाद में एटीएम के जरिए निकालकर मुख्य गिरोह तक पहुंचाया जाता था। इस मामले में फर्जी आधार बनाने वाले केंद्र संचालक को भी हिरासत में लिया गया है। 


30 से 40 लाख के लेन-देन की आशंका, खातों की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने करीब 30 से 40 लाख रुपये के फ्रॉड लेन-देन की बात स्वीकार की है। हालांकि, बरामद हुए सभी बैंक खातों और पासबुक के ट्रांजैक्शन का गहन अवलोकन किया जा रहा है। बैंक खातों की पूरी जांच के बाद ही साइबर फ्रॉड की सटीक रकम का पता चल सकेगा। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज को खंगालने में जुटी है।

पटना से रंजीत की रिपोर्ट