SCERT Bihar Initiative: महेंद्रू मूक-बधिर स्कूल में मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण पर विशेष सत्र, दी गई नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी

पटना के महेंद्रू स्थित राजकीय मूक-बधिर बालक विद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य,भावनात्मक कल्याण और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।सांकेतिक भाषा के माध्यम से बच्चों को स्वास्थ्य और जीवन से जुड़े अहम संदेश

scert bihar inclusive education
पटना के मूक-बधिर विद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित- फोटो : news 4 nation

मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण और मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को पटना के महेंद्रू स्थित राजकीय मूक-बधिर बालक विद्यालय में एक दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा।


SCERT के समावेशी शिक्षा विभाग की पहल

इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के समावेशी शिक्षा विभाग की ओर से किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों तक स्वास्थ्य संबंधी जरूरी और संवेदनशील जानकारी सुलभ तरीके से पहुँचाना तथा उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग करना था।


UNFPA की विशेषज्ञ द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी

कार्यक्रम के दौरान संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की डॉ. अनुभूति सिंह ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विभिन्न विषयों को बेहद रोचक और सहज तरीके से समझाया, ताकि छात्र-छात्राएं इन गंभीर मुद्दों को आसानी से समझ सकें और अपने दैनिक जीवन में अच्छी आदतों को अपनाएं।


सांकेतिक भाषा के जरिए विद्यार्थियों तक पहुँचा संदेश

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी और खास विशेषता यह रही कि मूक-बधिर विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से सांकेतिक भाषा की व्यवस्था की गई थी। सीआरसी पटना की आईएसएल इंटरप्रेटर मोनिका सिंह ने डॉ. अनुभूति सिंह के संबोधन और विचारों को सांकेतिक भाषा में पूरी सहजता के साथ विद्यार्थियों तक पहुँचाया, जिससे सभी बच्चों ने इस अभियान में पूरी रुचि के साथ हिस्सा लिया।


गणमान्य अधिकारियों और शिक्षकों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में कई प्रतिष्ठित अधिकारियों और शिक्षकों का सहयोग रहा। इस दौरान UNFPA के राहुल कुमार, समावेशी शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नावेद हसन खान, व्याख्याता विजय कुमार भास्कर और कुमारी अमृता के साथ-साथ विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहकर कार्यक्रम का उत्साहवर्धन किया।


विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और भावनात्मक कल्याण का संदेश

इस संपूर्ण पहल का मुख्य परिणाम यह रहा कि विशेष विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और नशे से दूर रहने के कड़े संदेशों से परिचित कराया गया। इस तरह के आयोजनों से विशेष बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज में एक स्वस्थ, सुरक्षित तथा जागरूक नागरिक के रूप में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।