Patna EOU Raid: EOU की ताबड़तोड़ छापेमारी, उप निदेशक के दो ठिकानों पर सुबह सुबह रेड

Patna EOU Raid: बिहार आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। ....

Patna EOU Raids Bihar Board Official Over Rs 3 43 Crore Asse
EOU की ताबड़तोड़ छापेमारी- फोटो : social Media

Patna EOU Raid: बिहार आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमें पटना और बेगूसराय में एक साथ छापेमारी कर रही हैं। कार्रवाई बिहार मुक्त विद्यालय एवं परीक्षा बोर्ड के उप निदेशक अजय कुमार सिंह से जुड़े ठिकानों पर की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक EOU की टीम ने पटना के खाजपुरा और मीठापुर स्थित ठिकानों के अलावा बेगूसराय में उनके पैतृक आवास पर भी दबिश दी है। इसके साथ ही बिहार मुक्त विद्यालय एवं परीक्षा बोर्ड में उप निदेशक के कार्यालय की भी तलाशी ली जा रही है। एक साथ कई ठिकानों पर चल रही इस कार्रवाई से विभागीय महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

आर्थिक अपराध इकाई के मुताबिक यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में की जा रही है। जांच में अजय कुमार सिंह पर अपनी ज्ञात आय के मुकाबले करीब 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये की अनानुपातिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इसी मामले में EOU ने कार्रवाई तेज करते हुए संबंधित ठिकानों पर तलाशी शुरू की है।

रेड के दौरान जांच एजेंसी की टीमें दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात, वित्तीय लेनदेन और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। अधिकारियों की निगाह इस बात पर है कि आरोपी अधिकारी की घोषित आय और उसके नाम या परिवार से जुड़ी संपत्तियों के बीच कितना अंतर है। तलाशी में मिलने वाले दस्तावेज आगे की जांच के लिए अहम माने जा रहे हैं।पटना के खाजपुरा और मीठापुर के अलावा बेगूसराय स्थित पैतृक आवास पर एक साथ कार्रवाई किए जाने से साफ है कि EOU मामले की तह तक पहुंचने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर मौजूद संपत्ति और दस्तावेजों को खंगाल रही है। वहीं कार्यालय में तलाशी से सरकारी पद के दौरान किए गए वित्तीय लेनदेन और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 3.43 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित अनानुपातिक संपत्ति का स्रोत क्या है और इसे किस तरीके से अर्जित किया गया। EOU की तलाशी में सामने आने वाले दस्तावेज और रिकॉर्ड इस जांच की दिशा तय करेंगे।फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई जारी है। छापेमारी पूरी होने के बाद जांच एजेंसी की ओर से बरामद दस्तावेज, संपत्तियों और अन्य साक्ष्यों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे कौन-कौन से कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

रिपोर्ट- अनिल