मर जाएंगे, जमीन नहीं छोड़ेंगे...गंगा किनारे 290 घरों पर बुलडोजर का मंडरा रहा है साया, नोटिस मिलते ही भड़का गुस्सा
Patna News: पटना सिटी में गंगा किनारे बसे करीब 290 मकानों और दुकानों पर प्रशासन की कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।...
Patna News: पटना सिटी में गंगा किनारे बसे करीब 290 मकानों और दुकानों पर प्रशासन की कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के 22 जुलाई के निर्देश के बाद प्रशासन ने नौजर घाट से कंगन घाट के बीच गंगा किनारे बने कथित अवैध और अनधिकृत निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी क्रम में करीब 290 घरों और दुकानों को खाली करने का नोटिस दिया गया है।
नोटिस मिलने के बाद प्रभावित परिवारों में बेचैनी और आक्रोश है। कई लोगों का कहना है कि अगर उनके मकान अवैध थे तो इतने वर्षों तक प्रशासन ने उन्हें इसकी जानकारी क्यों नहीं दी। लोगों का दावा है कि उन्होंने सरकार से पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मांगी थीं, जिन्हें उपलब्ध भी कराया गया। उनका कहना है कि वे नियमित रूप से विभिन्न टैक्स भी जमा करते रहे हैं, ऐसे में अब अचानक जमीन को सरकारी बताकर घर खाली करने का आदेश समझ से परे है।
प्रभावित लोगों का आरोप है कि उन्हें विकास के नाम पर उजाड़ने की कोशिश की जा रही है। कुछ परिवारों ने साफ शब्दों में कहा कि वे अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना है कि घर छिनने के बाद बच्चों और परिवार का भविष्य तबाह हो जाएगा।नोटिस की प्रक्रिया को लेकर भी कुछ लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि उनकी जमीन थाना नंबर 110 में आती है, जबकि उन्हें थाना नंबर 170 से नोटिस दिया गया है। इसी आधार पर वे नोटिस की वैधता पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन और प्रभावित परिवारों के बीच विवाद गहराता दिख रहा है। एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन की चुनौती है, तो दूसरी तरफ वर्षों से यहां रह रहे लोगों के पुनर्वास और उनके दावों का सवाल। अब सबकी निगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई और प्रभावित परिवारों की कानूनी स्थिति पर टिकी है।